Goods and Services Tax : GSTAT के नए आदेश के अनुसार सभी लंबित और नई अपीलें पहले...
Corporate Law : इस विश्लेषण में बताया गया कि दिवाला कानून अपेक्ष...
Corporate Law : न्यायालयों ने स्पष्ट किया कि विक्रय प्रमाण पत्र ...
Goods and Services Tax : GST में भवन को अचल संपत्ति मानकर ITC रोका गया है। जबकि ...
CA, CS, CMA : कर अधिकारियों ने POS डेटा, GST विवरण और आयकर रिटर्न मे...
Goods and Services Tax : यह कि जीएसटी के अंतर्गत अपीलीय ट्रिब्यूनल ट्रिब...
Income Tax : कर पेशेवरों और करदाताओं ने ITR और टैक्स ऑडिट तिथियो...
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Income Tax : आयकर पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण करदाताओ...
Goods and Services Tax : गुड्स एंड सर्विस टैक्स सेंट्रल मेरठ (Goods & Services Tax) की ...
Goods and Services Tax : Ministry of Finance Recommendations of the 42nd GST Council Meeting Posted On: 05 OCT 2020 The 42nd GST Council met under the Chai...
वैश्विक महामारी के रूप में उभरी कोरोना (covid 19) के दुष्परिणाम हर जगह देखने को मिल रहे हैं | जहां जन-स्वास्थ्य के ऊपर कोरोना एक बहुत बड़े चुनौती के तौर पर उभर रहा है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक एवं व्यवसाय जगत पर भी कोरोना का दूरगामी दुष्प्रभाव पड़ना निश्चित है । 100 से भी अधिक […]
कोई भी व्यक्ति जो विक्रेता है यदि किसी अन्य व्यक्ति (क्रेता) से प्रतिफल के रूप में कोई राशी प्राप्त करता है और यदि किसी भी वित्तीय वर्ष में राशी 50 लाख रुपये से अधिक होती है तो उक्त विक्रेता को राशी प्राप्त करते समय विक्रय प्रतिफल का 0.1% क्रेता से TCS के रूप में संग्रह करना होगाI
GST रिटर्न, टैक्स भुगतान, रिवर्स चार्ज और इनपुट क्रेडिट नियमों पर आधारित अनुपालन उपाय, जिससे पेनल्टी और नोटिस से बचा जा सके।
जीएसटी कौंसिल की 39 वीं मीटिंग से आम करदाता और अर्थ जगत को बहुत उम्मीदें है और यदि इस बार की मीटिंग में कर दाताओं के लिए महत्वपूर्ण फैसले नहीं हुए तो इससे उत्पन्न होने वाली निराशा इस कर और भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत नुक्सान पहुचायेगी इसलिए जीएसटी कौंसिल को अब जीएसटी से जुडी समस्याओं का हल निकाल ही लेना चाहिए.
देश के निर्माण एवं विकास में प्रत्येक वर्ग और नागरिक की बराबर का भागीदारी और दायित्व रहता है। देश के विकास में वैज्ञानिक नये-नये अविष्कार करते हैं, मैकेनिकल एवं सिविल अभियंतागण देश के बुनियादी ढांचा खड़ा करते हैं, लेकिन इन सब विकास मंे सबसे महत्वपूर्ण भागीदारी निभाता है देश का ‘करदाता’ और ‘टैक्स एडवोकेट’। क्योंकि […]
जीएसटी – अब समस्याओं का समाधान जरुरी है अब जीएसटी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक अनिवार्यता है और पूरी अर्थव्यवस्था व्यवहारिक रूप से जीएसटी की सफलता पर ही निर्भर है लेकिन इस समय जीएसटी के सम्बन्ध में जो स्तिथी चल रही है उससे भारतवर्ष के व्यापारी वर्ग की स्तिथी अब असहनीय हो गई है […]
अब जीएसटी भारत की अर्थव्यवस्था के लिए एक अनिवार्यता है और पूरी अर्थव्यवस्था जीएसटी पर ही निर्भर है लेकिन इस समय जीएसटी के सम्बन्ध में जो स्तिथी चल रही है उससे भारतवर्ष के व्यापारी वर्ग की स्तिथी अब असहनीय हो गई है और आप इस पर तुरंत ध्यान दें और इसके लिए सुधारात्मक कदम उठाये अन्यथा जीएसटी भारतीय उद्योग एवं व्यापार के लिए एक दीर्घकालीन समस्या बनकर इसे नुक्सान पहुचायेगा. आ
आयकर कानून के तहत एक धारा 269SU बजट के दौरान लाई गई थी आइये सबसे पहले समझें कि क्या है यह धारा 269SU, यह धारा कब लाई गई थी और कब से यह लागू हुई है, किन व्यक्तियों पर लागू होगी और इसके अतिरिक्त इस धारा के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर क्या पेनाल्टी लगेगी.
जीएसटी में टैक्स का भुगतान करने का एक तरीका है जिसके अनुसार डीलर्स अपनी बिक्री पर कर एकत्र करते हैं और इसका भुगतान करते समय अपनी खरीद पर चुकाए गए कर को घटाकर शेष बचे हुए कर का भुगतान करते हैं . जो कर डीलर्स एकत्र करते हैं उसे आउटपुट टैक्स कहते हैं और जो टैक्स वे देकर आते हैं इसे इनपुट क्रेडिट कहते हैं और जो टैक्स का भुगतान होता है वह आउटपुट टैक्स और इनपुट टैक्स का अंतर होता है.
ध्यान रखें इस समय सरकार पूरा प्रयास कर रही है कि किसी भी तरह से जीएसटी से जुडी समस्याएँ हल कर करदाताओं को राहत दी जा सके और देर से ही सही इस और से सकारात्मक संकेत आने लगे है और यह एक उम्मीद जगाता है कि अब उलझे हुए जीएसटी को सुलझा लिया जाएगा लेकिन इन प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता है और समस्याओं को सुलझाने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ जमीनी स्तर पर जुडे जीएसटी विशेषज्ञों की मदद ले और इस समय नए प्रयोग करना जैसे “इनपुट क्रेडिट का 20%” वाले प्रावधान फिलहाल स्थगित रखे.