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Corporate Law : न्यायालयों ने स्पष्ट किया कि विक्रय प्रमाण पत्र ...
Goods and Services Tax : GST में भवन को अचल संपत्ति मानकर ITC रोका गया है। जबकि ...
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Goods and Services Tax : यह कि जीएसटी के अंतर्गत अपीलीय ट्रिब्यूनल ट्रिब...
Income Tax : कर पेशेवरों और करदाताओं ने ITR और टैक्स ऑडिट तिथियो...
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Goods and Services Tax : Ministry of Finance Recommendations of the 42nd GST Council Meeting Posted On: 05 OCT 2020 The 42nd GST Council met under the Chai...
कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत कंपनियों के प्रकार (Types of Companies, under Companies Act, 2013) इस लेख को तैयार करने का उद्देश्य आपको कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत पंजीकृत होने वाली कंपनियों के प्रकारों से आपका विस्तृत परिचय कराना है. कंपनी अधिनियम 2013 के अनुच्छेद 2(20) के अनुसार कंपनी एक कंपनी अधिनियम 2013, इससे पूर्व […]
किसी भी व्यापार को प्रारंभ करने में बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय होता है कि किस रूप में व्यापारिक इकाई को स्थापित कर व्यापार का प्रारंभ किया जाए . व्यापारिक इकाई के चयन के समय इन पहलुओं पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसमें आवश्यक संशोधन किए जा उसके साथ पुनरावृति, पुनर्गठन, समामेलन आदि वाणिज्यिक रणनीतियों का भी आवश्यकता पड़ने पर अनुकरण हो सके व्यापारिक इकाई का निश्चय इस बात पर आधारित रहता है कि व्यापारिक इकाई के उद्देश्य क्या है ,उसके सदस्यों की संख्या कितनी है, उसका कार्यक्षेत्र क्या है, कितनी पूंजी के निवेश की आवश्यकता है, वैधानिक प्रावधान क्या है, कर संबंधी प्रावधान, उपरोक्त चीजों का विश्लेषण करने के पश्चात जो इकाई व्यापार के लिए लाभदायक को उस इकाई की स्थापना का निर्णय लिया जाता है
भारत शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश रहा है आज भी यहां की 60% जनसंख्या कृषि पर आधारित उद्योग धंधों के माध्यम से अपना जीवन यापन करती है परंतु आज के समय में कृषि में अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जैसे सिंचाई के लिए पानी, बिजली, अपने उत्पाद का पर्याप्त मूल्य, अतः केंद्र सरकार द्वारा किसानों को हो रही समस्याओं से निदान दिलाने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष एक अर्थशास्त्री वाय के अलाग जी थे.
इंस्पेक्शन , सर्च और सीजर के प्रावधान तो हर कर कानून में होते ही हैं लेकिन पता नहीं क्यों मैंने कभी बहुत अच्छी तरह से पढ़ें ही नही या आप कह सकते हैं कि मै इन्हें कभी समझ ही नही पाया . ये प्रावधान वेट में भी थे , सर्विस टैक्स में भी थे और आयकर में भी हैं और इन तीनों करों से सम्बंधित विभिन्न विषयों के बारे में मैंने बहुत लिखा है लेकिन किसी भी कानून में मैं यह प्रावधान ढंग से पढ़ ही नहीं पाया और धीरे – धीरे यह हुआ कि मेरा ध्यान ही इनसे हट गया. जब जीएसटी आया तब भी इंस्पेक्शन , सर्च और सीजर के प्रावधान मैंने देखे तो थे लेकिन फिर वही कमजोरी रही कि मैं ढंग से पढ़ ही नहीं पाया समझना तो दूर की बात है . आइये अब थोडा समय है तो यह कमी भी पूरी करने की कोशिश कर लेते हैं.
जीएसटी के तहत गिरफ्तारी के प्रावधान आज आपसे हम जीएसटी कानून से जुड़े एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा कर रहें है और वह है जीएसटी कानून में गिरफ्तारी के प्रावधान . जीएसटी जिस समय भारत में लगाया गया था उस समय एक सवाल सबसे अधिक चर्चा का विषय था वह था क्या जीएसटी […]
ह्रास का अर्थ यदि कोई व्यापर या पेशा किया जाता है तो उसमें आयकर बचाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि ह्रास के खर्चे को क्लेम किया जाये। हालाँकि ह्रास का खर्चा कैश में किये जाने वाला खर्च नहीं है, लेकिन फिर भी आयकर कानून में इसकी छूट दी जाती है। लेकिन, बहुत से लोगो […]
जीएसटी में एडवांस रूलिंग के लिए आवेदन कोई आवेदक यदि एडवांस रूलिंग के अंतर्गत निम्न प्रश्नों का समाधान चाहता है तो वह FORM GST ARA-01 तथा पांच हजार रूपए की फीस के साथ आवेदन प्रस्तुत करेगा एडवांस रूलिंग के अंतर्गत निम्न प्रश्नों का जबाब आदेश द्वारा पारित किया जायेगा (A) किसी भी माल या सेवाओं […]
कोरोना की वजह से आने वाले वित्तीय संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार एक वित्तीय आपातकाल की घोषणा करने की संभावना है, लेकिन अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है, प्रधान मंत्री मोदी ने कोविद क्रिया दल के साथ चर्चा की है। राष्ट्रपती अनुच्छेद 360 के तहत आपातकाल की स्थिति घोषित करेगा। […]
Section 144 of Criminal Procedure Code- Power to issue order in urgent cases of nuisance of apprehended danger- (1) Who Can issue order: Order can be issued by District Magistrate, Sub-Divisional Magistrate or Executive Magistrate specially empowered by state Govt. जिला मजिस्ट्रेट, उप-विभागीय मजिस्ट्रेट या विशेष रूप से राज्य सरकार द्वारा सशक्त कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश जारी किया जा सकता है|
वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 ही रहेगा – – झूठी अफवाहों ने बताया की वित्तीय वर्ष में हुआ परिवर्तन वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा 30 मार्च को एक अधिसूचना जारी की गई जो इंडियन स्टांप एक्ट के कुछ खास संशोधनों से संबंधित है। इसका उद्देश्य स्टॉक एक्सचेंजों के जरिये सिक्योरिटी […]