धारा 269SU- आयकर कानून का नया प्रावधान 

धारा 269SU – डिजिटल भुगतान के अनिवार्य साधन

आयकर कानून के तहत एक धारा 269SU बजट के दौरान लाई गई थी आइये सबसे पहले समझें कि क्या है यह धारा 269SU,  यह धारा कब लाई गई थी और कब से यह लागू हुई है, किन व्यक्तियों पर लागू होगी  और इसके अतिरिक्त इस धारा के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर क्या पेनाल्टी लगेगी. आइये देखें  –

Acceptance Of Payment Through Prescribed Electronic Modes

Section 269SU. Every person, carrying on business, shall provide facility for accepting payment through prescribed electronic modes, in addition to the facility for other electronic modes, of payment, if any, being provided by such person, if his total sales, turnover or gross receipts, as the case may be, in business exceeds fifty crore rupees during the immediately preceding previous year.

आइये इस धारा 269 SU का अर्थ समझ लें :- 

1. यह प्रावधान उन करदाताओं पर लागू है जिनका बिक्री या टर्नओवर बीते हुए वित्तीय वर्ष में अर्थात इस समय देखें तो  31-3-2019 को समाप्त वर्ष में 50 करोड़ रुपये  से अधिक हो।

2. ऐसे करदाता को अपना भुगतान प्राप्त करने के लिए “अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक साधन” (prescribed Electronic Modes) अनिवार्य रूप से भुगतान लेने के लिए प्रदान करने पड़ेंगे। ये “अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक साधन” उन साधनों के अतिरिक्त होंगे जो पहले से इन व्यक्तियों को भुगतान करने के लिए उलब्ध है .

यहाँ ध्यान रखें कि यह प्रावधान कुछ विशिष्ट इलेक्ट्रोनिक भुगतान प्राप्त करने के साधनों की उपलब्धता को अनिवार्य करने के लिए लाया गया है और यह प्रावधान Finanace (No.2) Act, 2019 के द्वारा लाया गया था और यह दिनांक 1 नवम्बर 2019 से लागु हुआ था लेकिन उस समय जो “अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम” है वे नहीं बताए गये थे  इसलिए यह कानून उस समय व्यवहारिक रूप से प्रभावी नहीं हुआ था लेकिन अब सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर इसके सम्बन्ध में नियम बनाते हुए दिनांक 1 जनवरी 2020 से इस  धारा के तहत वे माध्यम भी अधिसूचित कर दिए है जिनके द्वारा भुगताण प्राप्त  करने की सुविधा इन व्यक्तियों के द्वारा उपलब्ध करना अनिवार्य कर दिया है . आइए भुगताने करने के वे माध्यम कौनसे है जिनके द्वारा भुगतान प्राप्त करने की सुविधा अनिवार्य रूप से अब इन व्यक्तियों के द्वारा अपने ग्राहकों को  उपलब्ध कराने पड़ेगी जिनका टर्नओवर 31 मार्च 2019 को समाप्त वर्ष के दौरान 50 करोड़ रूपये से अधिक था :-    

 अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम

(a). Debit Card powered by Rupay

(b). Unified Payment Interface (UPI) (BHIM-UPI);

(c). Unified Payments interface Quick Response Mode (UPI QR Code) (BHIM-UPI QR Code.

यहाँ आप ध्यान रखें कि  इन व्यक्तियों को इन तीनों  माध्यमों के जरिये भुगतान प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध करानी पड़ेगी भले ही इन माध्यमों से उन्हें कोई भुगतान प्राप्त हो या नहीं अर्थात जिन व्यक्तियों की बिक्री या टर्नओवर  बीते हुए वित्तीय वर्ष में 50 करोड़ रूपये  से अधिक है उन्हें ये ऐसी सुविधाएं स्थापित और संचालित करनी पड़ेगी ताकि उनके ग्राहक इन तीनों माध्यमों से उन्हें भुगतान कर सके .

व्यवहारिक रूप से ये प्रावधान 1 जनवरी 2020 से लागू हो गया है लेकिन इन व्यक्तियों को ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 31  जनवरी 2020 तक का समय दिया गया है .

पेनाल्टी

“271DB. Penalty for failure to comply with provisions of section 269SU.—(1) If a person who is required to provide facility for accepting payment through the prescribed electronic modes of payment referred to in section 269SU, fails to provide such facility, he shall be liable to pay, by way of penalty, a sum of five thousand rupees, for every day during which such failure continues:

Provided that no such penalty shall be imposable if such person proves that there were good and sufficient reasons for such failure.

(2) Any penalty imposable under sub-section (1) shall be imposed by the Joint Commissioner of Income-tax.”.

यदि वांछित व्यक्तियों के द्वारा यह सुविधाएं 31 जनवरी 2020 तक  उपलब्ध नहीं कराई गई  है तो आयकर कानून की धारा 271DB के अनुसार 5000.00 रुपये प्रतिदिन की पेनाल्टी देनी होगी। यहाँ ध्यान रखें कि इस पेनाल्टी को लगाने का अधिकार आयकर संयुक्त आयुक्त को ही होगा और यदि ऐसा व्यक्ति , जिसे यह सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध करनी थी वह  यह साबित कर दे कि ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं करा पाने का कोई “समुचित कारण” था तो ऐसी पेनाल्टी नहीं लगेगी.

एक सर्कुलर, जिसकी कॉपी इस लेख के अंत में दी गई है  के द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि इस प्रकार के व्यक्तियों को इन सुविधाओं को उपलब्ध करवाने के लिए 31 दिन का और समय दिया गया है और  जिस किसी करदाता ने जिसे ऊपर बताया गया है ने 31 जनवरी 2020 तक यह सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई है तो 1 फरवरी 2020 से  तो आयकर कानून की धारा 271DB के अनुसार 5000.00 रुपये प्रतिदिन की पेनाल्टी देनी होगी जब तक कि यह सुविधा उपलब्ध नही करा दी जाती है ।

भारत में डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ाने के लिए यह प्रावधान लागू किया गया है और अभी यह केवल उन करदाताओं पर ही लागू है जिनका टर्नओवर 31मार्च 2019 को समाप्त वर्ष के दौरान 50 करोड़ रुपये से अधिक था।

इसे ऊपर आसान भाषा में समझाया गया है अब इसके साथ आपकी सुविधा के लिए इस सम्बन्ध में जारी धारा , नियम एवं सर्कुलर को यहाँ English Langage में  अगले पृष्टों पर दे रहे है:-

A. Extract of Section 269SU of Income Tax Act 1961 as Inserted by the Finance (No.2) Act, 2019 w.e.f. 1-11-2019.

SECTION 269SU- ACCEPTANCE OF PAYMENT THROUGH PRESCRIBED ELECTRONIC MODES

Section 269SU. Every person, carrying on business, shall provide facility for accepting payment through prescribed electronic modes, in addition to the facility for other electronic modes, of payment, if any, being provided by such person, if his total sales, turnover or gross receipts, as the case may be, in business exceeds fifty crore rupees during the immediately preceding previous year.

B. Extract of Section 271DB of Income Tax Act 1961 as Inserted by the Finance (No.2) Act, 2019 w.e.f. 1-11-2019

SECTION 271DB. PENALTY FOR FAILURE TO COMPLY WITH PROVISIONS OF SECTION 269SU

Section 271DB. Penalty for failure to comply with provisions of section 269SU.—(1) If a person who is required to provide facility for accepting payment through the prescribed electronic modes of payment referred to in section 269SU, fails to provide such facility, he shall be liable to pay, by way of penalty, a sum of five thousand rupees, for every day during which such failure continues:

Provided that no such penalty shall be imposable if such person proves that there were good and sufficient reasons for such failure.

(2) Any penalty imposable under sub-section (1) shall be imposed by the Joint Commissioner of Income-tax.

C. Notification No. 105/2019 dated 30.12.2019- Prescribed electronic modes of Payment under Section 269SU Read with Rule 119AA

D. Circular No. 32/2019 Dated: 30th December, 2019-   Clarification In Respect Of Prescribed Electronic Modes Under Section 269SU

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