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GSTAT की नई व्यवस्था: डिवीजन बेंच, सिंगल बेंच और अपीलों के वर्गीकरण की विस्तृत व्याख्या

Goods and Services Tax : GSTAT के नए आदेश के अनुसार सभी लंबित और नई अपीलें पहले...

May 15, 2026 597 Views 0 comment Print

क्या दिवालिया कानून कोड संशोधन के बावजूद प्रभावी होगा?

Corporate Law : इस विश्लेषण में बताया गया कि दिवाला कानून अपेक्ष...

April 6, 2026 312 Views 0 comment Print

विक्रय प्रमाण पत्र: मुद्रांक शुल्क एवं पंजीयन कार्यालय के संबंध मे प्रक्रिया

Corporate Law : न्यायालयों ने स्पष्ट किया कि विक्रय प्रमाण पत्र ...

March 30, 2026 1986 Views 0 comment Print

कोल्ड स्टोरेज व्यवसाय (Cold Storage Project) में GST: संरचना, ITC और निवेश रणनीति

Goods and Services Tax : GST में भवन को अचल संपत्ति मानकर ITC रोका गया है। जबकि ...

March 20, 2026 675 Views 0 comment Print

पेटपूजा POS विवाद: तकनीक, कर अनुपालन और आगे की राह

CA, CS, CMA : कर अधिकारियों ने POS डेटा, GST विवरण और आयकर रिटर्न मे...

March 11, 2026 990 Views 0 comment Print


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जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल में उत्पन्न समस्याओं के संबंध में ज्ञापन

Goods and Services Tax : यह कि जीएसटी के अंतर्गत अपीलीय ट्रिब्यूनल ट्रिब...

February 3, 2026 870 Views 0 comment Print

टैक्स प्रोफेशनल्स और करदाताओं की व्यावहारिक माँग: ITR और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की तिथियाँ बढ़ाई जाएँ

Income Tax : कर पेशेवरों और करदाताओं ने ITR और टैक्स ऑडिट तिथियो...

September 11, 2025 85620 Views 3 comments Print

उत्तर प्रदेश बार काउंसिल साक्षात्कार प्रक्रिया 2025

Corporate Law : जानें उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की 2025 साक्षात्कार ...

December 29, 2024 19335 Views 1 comment Print

आयकर पोर्टल गड़बड़ियों के कारण समस्याएं और समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध

Income Tax : आयकर पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण करदाताओ...

July 20, 2024 4386 Views 1 comment Print

गुड्स एंड सर्विस टैक्स सेंट्रल मेरठ की इंटेलिजेंस (DGGI) ने बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा

Goods and Services Tax : गुड्स एंड सर्विस टैक्स सेंट्रल मेरठ (Goods & Services Tax) की ...

November 8, 2023 2556 Views 0 comment Print


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8 Recommendations of the 42nd GST Council Meeting

Goods and Services Tax : Ministry of Finance Recommendations of the 42nd GST Council Meeting Posted On: 05 OCT 2020 The 42nd GST Council met under the Chai...

October 5, 2020 27369 Views 1 comment Print


भारत का समग्र (औद्योगिक) विकास

November 16, 2015 1515 Views 0 comment Print

नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद का भार संभालने के साथ ही देश की समग्र विकास के लिए विदेशी निवेश के लिए सफल प्रयास शुरु कर दिये है। उन्होंने अपनी प्रत्येक विदेश यात्रा में जिनमें मुख्यतः जापान, अमेरिका और आस्ट्रेलिया में देश के औद्योगिक व अन्य क्षेत्र के विकास के लिए विदेश में रह रहे अप्रवासी भारतीयों के साथ विदेशी उद्योगपतिओं को भारत में निवेश करने का आमंत्रण दिया, जिसको सभी ने सहर्ष स्वीकार किया।

कर चोरी की मानसिकता क्यों? कभी सोचा !!

November 16, 2015 5266 Views 0 comment Print

सरकार ने विभिन्न स्तरों पर टैक्स लगा रखे हैं, सरकार द्वारा प्रत्येक टैक्स विभाग में टैक्स की चोरी रोकने के लिए अन्वेषण अनुभाग बना हुआ है, जिनका मात्र काम यही है कि टैक्स की चोरी रोकी जाए। इसके लिए एक पूरा अमला जिले स्तर से शासन तक लगा रहता है, इस टैक्स की चोरी रोकने के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष अरबों रूपया खर्च किया जाता है। फिर भी टैक्स की चोरी हो रही है, ‘आखिर क्यों?’

जीएसटी पर मन की बात : अब तक का सबसे बड़ा टैक्स सुधार बिल

November 16, 2015 2357 Views 0 comment Print

जीएसटी अर्थात वस्तु एवं सेवाकर को देश का सबसे बड़ा क्रांतिकारी एवं सुधार का टैक्स बिल भी कहा जा सकता है। संभावना इसकी भी है कि जीएसटी के माध्यम से सरकार देश का काला धन की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को इस कर प्रणाली में शामिल कर देश में व्याप्त कालेधन पर अपनी पकड़ मजबूत बना लें।

व्यापार एवं उद्योग का एक बड़ा सवाल क्यों नही जारी हो पा रहे है आयकर रिटर्नस

July 12, 2015 5342 Views 0 comment Print

आयकर में निर्धारण वर्ष 2015-16 के लिए समाप्त होने वाला वित्तीय वर्ष 31-03-2015 को समाप्त हो चुका है अर्थात वर्ष 01—4-2014 से 31-03-2015 का जो वर्ष है उसका आयकर रिटर्न अभी सभी को भरने है और अभी तक भी सरकार और हमारे कानून निर्माता आयकर के मुख्य रिटर्न अर्थात आयकर रिटर्न संख्या 3 से 7 अभी तक जारी नहीं हुए है.

क्या 1 अप्रैल 2016 से लग पायेगा जी.एस.टी – सी.ए. सुधीर हालाखंडी

June 27, 2015 1671 Views 0 comment Print

सरकार भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स दिनांक 01/04/2016 से लाने की घोषणा कर चुकी है और इसके लिए सरकारी स्तर पर तैयारी भी चल रही है . क्या होगा भारत में इस कर का भविष्य और क्या संभावना है कि जी.एस.टी. सरकार लागू कर पायेगी उसी तिथी से जिसकी वह घोषणा कर रही है […]

प्राइवेट कंपनी में फण्ड जुटाने के तरीके, कम्पनीज एक्ट 2013 के प्रावधानों के अनुसार

March 1, 2015 16022 Views 9 comments Print

चुकी कम्पनीज एक्ट 2013 जब से आया है एक कंपनी को फण्ड रेज करने के ऊपर बहुत सारे कंडीशन लग गया है I जैसे कंपनी प्राइवेट या पब्लिक निम्न के अलावा किसी से लोन नहीं ले सकती है:- (a) अपने डायरेक्टर से( लेकिन डायरेक्टर लोन लेकर कंपनी को लोन नहीं दे सकती है) (b) किसी ऐसे कंपनी से जहाँ कॉमन डायरेक्टर ना हो (c) किसी बैंक या फाइनेंसियल Institutions से . यदि कंपनी उपरोक्त के अलावा किसी से लोन लेती है तो इसे पब्लिक deposit माना जायेगा, इस तरीके से फण्ड रेज करने का दायरा बहुत ही सिमित कर दिया गया है,पहले प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अपने किसी रिलेटिव से, अपने शेयर होल्डर्स से अपने किसी ग्रुप कंपनी से लोन लेकर फण्ड रेज कर लेती थी लेकिन अब फण्ड रेज करने का ये सब तरीका समाप्त हो गया है कंपनी एक्ट के नए प्रावधानों के अनुसार.

जी.एस. टी. – भारत में लगने वाले गुड्स एवं सर्विस टैक्स का एक परिचय

February 1, 2015 15050 Views 11 comments Print

भारत में वेट वर्ष 2006 में लगाया गया था और इस अप्रत्यक्ष कर की अंतिम तार्किक परिणिति गुड्स एवं सर्विस टैक्स के रूप में होनी थी इसीलिए तत्कालीन वित्तमंत्री श्री पी. चिदंबरम ने वर्ष 2006 के अपने बजट भाषण में जी.एस.टी. का जिक्र करते हुए कहा था कि पूरे भारत में एक ही अप्रत्यक्ष कर 1 अप्रेल 2010 से लगाया जाएगा जिसके तहत केंद्र सरकार कर एकत्र करेगी जिसे केंद्र एवं राज्यों के मध्य बांटा जाएगा.

अभी भी दूर है जी.एस.टी. : जी.एस.टी. में क्या व्यापार एवं उद्योग जगत की भी सुनी जायेगी ?

January 3, 2015 1696 Views 0 comment Print

सुधीर हालाखंडी बजट आने के पहले हर वर्ष समाचार पत्रों में बजट साल के अगले साल जी.एस.टी. लागू होने की काफी जोर शोर से छपती है लेकिन एक बात हर बार होती है कि कही ना कही बाद में यह खबर आती है कि राज्यों और केंद्र के बीच किसी एक या अधिक मुद्दे पर […]

क्या अब कर कानूनों के सरलीकरण का युग समाप्त हो चुका है

September 3, 2014 1893 Views 0 comment Print

कर कानूनों में सरलीकरण का वादा कम से कम दो दशक पूर्व किया गया था जिसे प्रत्येक सरकार एवं वित्त मंत्री ने बार –बार दोहराया है और प्राम्भिक अवस्था में इस पर काफी कार्य भी किया गया था. केन्द्रीय सरकार के साथ –साथ सभी राज्यों की सरकारों ने भी इस सम्बन्ध में अपने –अपने करदाताओं को इस प्रकार के वायदे बार –बार दोहराए है . इन सभी के पीछे लक्ष यह था कि सरकार का कर संग्रहण भी बराबर होता रहे और करदाताओं को भी कम से कम कष्ट हो .

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