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Goods and Services Tax : Ministry of Finance Recommendations of the 42nd GST Council Meeting Posted On: 05 OCT 2020 The 42nd GST Council met under the Chai...
नरेन्द्र दामोदर दास मोदी ने देश के प्रधानमंत्री पद का भार संभालने के साथ ही देश की समग्र विकास के लिए विदेशी निवेश के लिए सफल प्रयास शुरु कर दिये है। उन्होंने अपनी प्रत्येक विदेश यात्रा में जिनमें मुख्यतः जापान, अमेरिका और आस्ट्रेलिया में देश के औद्योगिक व अन्य क्षेत्र के विकास के लिए विदेश में रह रहे अप्रवासी भारतीयों के साथ विदेशी उद्योगपतिओं को भारत में निवेश करने का आमंत्रण दिया, जिसको सभी ने सहर्ष स्वीकार किया।
सरकार ने विभिन्न स्तरों पर टैक्स लगा रखे हैं, सरकार द्वारा प्रत्येक टैक्स विभाग में टैक्स की चोरी रोकने के लिए अन्वेषण अनुभाग बना हुआ है, जिनका मात्र काम यही है कि टैक्स की चोरी रोकी जाए। इसके लिए एक पूरा अमला जिले स्तर से शासन तक लगा रहता है, इस टैक्स की चोरी रोकने के लिए सरकार द्वारा प्रतिवर्ष अरबों रूपया खर्च किया जाता है। फिर भी टैक्स की चोरी हो रही है, ‘आखिर क्यों?’
जीएसटी अर्थात वस्तु एवं सेवाकर को देश का सबसे बड़ा क्रांतिकारी एवं सुधार का टैक्स बिल भी कहा जा सकता है। संभावना इसकी भी है कि जीएसटी के माध्यम से सरकार देश का काला धन की अर्थव्यवस्था के बड़े हिस्से को इस कर प्रणाली में शामिल कर देश में व्याप्त कालेधन पर अपनी पकड़ मजबूत बना लें।
आयकर में निर्धारण वर्ष 2015-16 के लिए समाप्त होने वाला वित्तीय वर्ष 31-03-2015 को समाप्त हो चुका है अर्थात वर्ष 01—4-2014 से 31-03-2015 का जो वर्ष है उसका आयकर रिटर्न अभी सभी को भरने है और अभी तक भी सरकार और हमारे कानून निर्माता आयकर के मुख्य रिटर्न अर्थात आयकर रिटर्न संख्या 3 से 7 अभी तक जारी नहीं हुए है.
सरकार भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स दिनांक 01/04/2016 से लाने की घोषणा कर चुकी है और इसके लिए सरकारी स्तर पर तैयारी भी चल रही है . क्या होगा भारत में इस कर का भविष्य और क्या संभावना है कि जी.एस.टी. सरकार लागू कर पायेगी उसी तिथी से जिसकी वह घोषणा कर रही है […]
चुकी कम्पनीज एक्ट 2013 जब से आया है एक कंपनी को फण्ड रेज करने के ऊपर बहुत सारे कंडीशन लग गया है I जैसे कंपनी प्राइवेट या पब्लिक निम्न के अलावा किसी से लोन नहीं ले सकती है:- (a) अपने डायरेक्टर से( लेकिन डायरेक्टर लोन लेकर कंपनी को लोन नहीं दे सकती है) (b) किसी ऐसे कंपनी से जहाँ कॉमन डायरेक्टर ना हो (c) किसी बैंक या फाइनेंसियल Institutions से . यदि कंपनी उपरोक्त के अलावा किसी से लोन लेती है तो इसे पब्लिक deposit माना जायेगा, इस तरीके से फण्ड रेज करने का दायरा बहुत ही सिमित कर दिया गया है,पहले प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अपने किसी रिलेटिव से, अपने शेयर होल्डर्स से अपने किसी ग्रुप कंपनी से लोन लेकर फण्ड रेज कर लेती थी लेकिन अब फण्ड रेज करने का ये सब तरीका समाप्त हो गया है कंपनी एक्ट के नए प्रावधानों के अनुसार.
भारत में वेट वर्ष 2006 में लगाया गया था और इस अप्रत्यक्ष कर की अंतिम तार्किक परिणिति गुड्स एवं सर्विस टैक्स के रूप में होनी थी इसीलिए तत्कालीन वित्तमंत्री श्री पी. चिदंबरम ने वर्ष 2006 के अपने बजट भाषण में जी.एस.टी. का जिक्र करते हुए कहा था कि पूरे भारत में एक ही अप्रत्यक्ष कर 1 अप्रेल 2010 से लगाया जाएगा जिसके तहत केंद्र सरकार कर एकत्र करेगी जिसे केंद्र एवं राज्यों के मध्य बांटा जाएगा.
सुधीर हालाखंडी बजट आने के पहले हर वर्ष समाचार पत्रों में बजट साल के अगले साल जी.एस.टी. लागू होने की काफी जोर शोर से छपती है लेकिन एक बात हर बार होती है कि कही ना कही बाद में यह खबर आती है कि राज्यों और केंद्र के बीच किसी एक या अधिक मुद्दे पर […]
कर कानूनों में सरलीकरण का वादा कम से कम दो दशक पूर्व किया गया था जिसे प्रत्येक सरकार एवं वित्त मंत्री ने बार –बार दोहराया है और प्राम्भिक अवस्था में इस पर काफी कार्य भी किया गया था. केन्द्रीय सरकार के साथ –साथ सभी राज्यों की सरकारों ने भी इस सम्बन्ध में अपने –अपने करदाताओं को इस प्रकार के वायदे बार –बार दोहराए है . इन सभी के पीछे लक्ष यह था कि सरकार का कर संग्रहण भी बराबर होता रहे और करदाताओं को भी कम से कम कष्ट हो .