Income Tax : A summary of how the CBDT's decision to extend the Tax Audit Report due date without extending the ITR date has eliminated the tra...
Goods and Services Tax : जीएसटी काउंसिल ने 22 सितंबर 2025 से कई वस्तुओं पर दरें...
Income Tax : व्यापारिक संगठनों ने वित्त मंत्री से निर्धारण वर...
Income Tax : Tax professionals demand an extension for ITR and Tax Audit Report due dates for AY 2025-26, citing a compressed timeline, portal ...
Goods and Services Tax : GST rates reduced for autos, cement, electronics & more. 56th GST Council meeting focuses on rate relief, with limited procedural ...
Income Tax : कर पेशेवरों और करदाताओं ने ITR और टैक्स ऑडिट तिथियो...
Goods and Services Tax : गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसियों को जीएसटी कर का फॉरव...
Goods and Services Tax : Goods Transport Agencies have to submit Annexure V to opt for Forward charge of Tax and for the Financial Year 2023-24 and the d...
Goods and Services Tax : AIMTPA – All India MSME and Tax Professionals Association has invited two GST Experts on it’s Platform on 24th July 2021 and a...
Goods and Services Tax : The Goods and Service Tax – An Introductory study written by CA Sudhir Halakhandi in the ICAI CA Journal at the time of start of...
जीएसटी कौंसिल की 31वीं मीटिंग जो 22 दिसम्बर 2019 को हुई है इससे आम करदाता एवं कर विशेषज्ञों को बहुत अधिक उम्मीद थी . आइये एकबार देखें कि क्या ये उम्मीदें पूरी हुई या फिर से उन्हें निराश होना पडा. आइये देखें कहाँ तक करदाता की उम्मीदें पूरी हुई है और जहां नहीं हो पाई उनमें आगे क्या उम्मीद है और जहाँ नहीं हुई है वहां सरकार की क्या मजबूरियां थी .
जीएसटी कौंसिल की 31वीं मीटिंग 22 दिसंबर 2018 अर्थात इससे सप्ताह में होनी है और इस समय जीएसटी जिस हालात से गुजर रहा है ,आप समझ सकते हैं कि यह मीटिंग बहुत ही अधिक महत्वपूर्ण हो गई है क्यों कि हमने अपने पहले लेख में आपको बताया था कि जीएसटी में ना सिर्फ बहुत अधिक सुधार की गंजाइश है बल्कि अब यह जीएसटी के अस्तित्व के लिए अनिवार्य भी है .
इस समय भी जीएसटी सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा है और रिटर्न भरनी की अंतिम तिथी जब भी होती है तब यह सिस्टम फ़ैल हो जाता है लेकिन अभी हाल ही मै अंतिम तिथी के कई दिन पहले भी बंद होना प्रारम्भ हो गया है .
After writing few articles of the intricacies of the E-filing of Tax audit report we are receiving regular queries from various fellow professionals , out of which we have selected some of the common questions which are being answered here for the benefit of other readers and fellow professions.
The Journey of GST in India is now completing one year and it is the time to analyse the impact of GST on all the stakeholders viz. The Law makers- Government of India, The Taxpaying Public- the dealers and the professionals managing the GST- The Tax Professional, Tax advocates and the CAs.
जीएसटी लागू हुए लगभग अब दो माह पूरे होने को है तो आइये अब समय आ गया है की हम चर्चा प्रारम्भ करें जीएसटी होने के बाद की समस्याओं की और आज चर्चा कर रहें है कुछ् ऐसे ही छोटे व् मध्यम दर्जे की डीलर्स की व्यवहारिक रूप से सिर्फ कम्पोजीशन स्कीम के तहत ही काम कर सकते है लेकिन जी.एस.टी. के सिस्टम की तकनीकी खामियों के कारण उन्हें कपोजीशन के लाभ से वंचित कर दिया गया है .
Goods and Services Tax is the newest taxation law in India. It is one of the biggest tax reforms in the historic Indian economic set-up. The Goods and Services Tax regime seeks to strengthen and streamline the taxation regime with respect to trade in goods and services which would reduce numerous internal processes and will improve ease of doing business in India.
जयपुर (राजस्थान ) का एक व्यापारी अ जयपुर के ही एक दूसरे व्यापारी “ब” को कोई माल 10 लाख रुपये में बेचता है और मान लीजिये कि राज्यों के जी.एस.टी. की दर 9 प्रतिशत है एवं केंद्र के जी.एस.टी. की दर 9 प्रतिशत रहती है इस प्रकार जी.एस.टी. की कुल दर 18 प्रतिशत हुई (फिलहाल मान लीजिये ) तो अ इस व्यवहार में 90000.00 रुपये एस.जी.एस.टी. (राज्य का जी.एस.टी.) एवं 90000.00 रुपये सी.जी.एस.टी. (केंद्र का जी.एस.टी.) के रूप में अपने खरीददार “ब” से वसूल करेगा.
जी.एस.टी. को लेकर सर्राफा व्यापार पर किस तरह से कर लगेगा यह प्रश्न भी हमसे बार- बार किया जा रहा है कि सर्राफा व्यापारी किस तरह से कर देंगे और उन पर जी.एस.टी. के प्रावधान किस तरह से लागू होंगे तो आइये आज अध्यन करें कि किस तरह इस व्यवसाय पर कर लगेगा :-
कम्पोजीशन स्कीम में जो डीलर्स जाना चाहते है वे निम्नलिखित बातें विशेष और पर ध्यान रखें – -यदि उनके द्वारा किसी एक पेन पर जारी किसी भी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के लिए वे यदि कम्पोजीशन डीलर नहीं हैं तो वे उसी राज्य में या देश में किसी अन्य राज्य में भी में वे कम्पोजीशन स्कीम का लाभ नहीं ले सकते हैं.