आज हम अधिवक्ता अधिनियम 1961 के अंतर्गत नामांकित अधिवक्ता की नियुक्ति, निलंबन और बर्खास्त होने की प्रक्रिया के संबंध में एक वाद जो सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आयाI जिसमें बार काउंसिल आफ इंडिया के तत्कालीन अध्यक्ष श्री वी सी मिश्रा के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निलंबन की कार्रवाई की गई ।इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट […]
जानिए जीएसटी पोर्टल के बार-बार क्रैश के प्रभाव, चुनौतियाँ, और समाधान की विस्तृत विश्लेषण। यहाँ तक कि 2024 की नई तारीख का भी विवरण।
जीएसटी की स्थापना को 7 साल हो चुके हैं ।लेकिन इस समय बहुत सारे व्यापारियों के पास ईमेल के द्वारा जीएसटी ने ऑनलाइन सिस्टम की खामी के कारण ईमेल भेजी गई है। वैसे तो जीएसटी काउंसिल और सरकार व्यापारियों को रिटर्न में सुधार या संशोधन करने की अनुमति नहीं देती है ।लेकिन व्यापारियों को फिर […]
जानिए वित्तीय वर्ष 2019-20 में जीएसटी के नए नियमों और सर्कुलर 193 के प्रभाव को मराठी में। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें
सुप्रीम कोर्ट ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि अधिवक्ताओं के सत्यापन की प्रक्रिया विधिवत की जाए,। जिसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश और निर्देश जारी करने के लिए एक ‘उच्चाधिकार प्राप्त समिति’ का गठन किया।
मेरठ केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर सीजीएसटी आयुक्तलय ने 1,000 करोड़ की आईटीसी चोरी का बड़ा धांधला उजागर किया।
जीएसटी एक्ट की धारा 129/130 और नियम 138 की विस्तृत व्याख्या, गुड्स और वाहनों को रोकने, अभिग्रहण और अवमुक्त करने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई है।
राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा कि सरकार अगले वित्तीय वर्ष 202-/25 में खरीदारों और विक्रेताओं को उनके चालान लॉक करके और Amendment के विकल्प को हटाकर उनकी आउटपुट देनदारी को संशोधित करने के लिए दी गई । सुविधा को खत्म करने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव पर अगली जीएसटी परिषद की बैठक में चर्चा की जाएगी।
जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 125/126 का विश्लेषण: सामान्य दंड, न्यायिक निर्णय, कम दंड, स्वैच्छिक प्रकटीकरण, और ई-वे बिल से संबंधित मुद्दे।
वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अंतर्गत विभिन्न विवादों ने जन्म लिया है। इन विवादों पर प्रथम अपील से करदाता को कोई लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। यदि करदाता उच्च न्यायालय रिट पिटीशन फाइल करता है। तो उसे लाभ मिलता है। न्यायाधिकरण की स्थापना नहीं होने के कारण जीएसटी के करदाताओं को सीधे […]