नए वित्त वर्ष में प्रवेश से पहले व्यवसायों को कई महत्वपूर्ण जीएसटी अनुपालन कार्य पूरे करने होंगे। सही तैयारी से ब्याज, जुर्माना और विभागीय नोटिस से बचा जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील के दौरान जमा प्री-डिपॉजिट की वापसी सामान्य जीएसटी रिफंड नहीं है। इसे धारा 107(6) और 115 के तहत विशेष प्रक्रिया से ब्याज सहित लौटाया जाना चाहिए।
जीएसटी की धारा 108 के तहत आयुक्त या अधिकृत अधिकारी अधीनस्थ अधिकारी के आदेश की जांच कर उसे संशोधित कर सकते हैं। यह शक्ति तब प्रयोग होती है जब आदेश राजस्व के हित के प्रतिकूल या कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण पाया जाए।
यह लेख बताता है कि धारा 116 करदाता को प्राधिकरण के समक्ष प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होने का अधिकार देती है। साथ ही अयोग्यता और पेशेवर अनुशासन के नियम स्पष्ट किए गए हैं।
सेमिनार में अधिवक्ताओं ने अपील फाइलिंग, फीस त्रुटि और क्षेत्राधिकार संबंधी समस्याओं को उठाते हुए पोर्टल सुधार और समय विस्तार की मांग की।
यह लेख जॉब वर्क से जुड़े GST सेक्शन 143 और स्क्रैप पर टैक्स देनदारी को सरल भाषा में समझाता है। मुख्य निष्कर्ष यह है कि स्क्रैप का स्वामित्व प्रिंसिपल का रहता है और कर देनदारी शर्तों पर निर्भर करती है।
यह कि जीएसटी के अंतर्गत अपीलीय ट्रिब्यूनल ट्रिब्यूनल की स्थापना हो चुकी है ।तथा करदाता और टैक्स प्रोफेशनल ट्रिब्यूनल में अपील फाइल कर रहे हैं। लेकिन कई समस्याएं उत्पन्न हो रही है जिसका कारण जीएसटी अपीलीय ट्रिब्यूनल का पोर्टल सही तरीके से कार्य नहीं कर रहा है । इसके संबंध में श्री हर्ष शर्मा ,एडवोकेट ,संस्थापक […]
GSTR-3B में लागू नए सिस्टम नियम के तहत RCM ITC अब सीमित कर दी गई है। तय सीमा से अधिक क्लेम करने पर रिटर्न ब्लॉक हो जाएगी।
जीएसटीएन ने दिनांक 23.01.2026 को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कुछ अधिसूचित तंबाकू एवं उससे संबंधित उत्पादों के लिए Retail Sale Price (RSP) आधारित वैल्यूएशन और रिपोर्टिंग व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है। यह एडवाइजरी Central Tax Notifications संख्या 19/2025 एवं 20/2025, दिनांक 31 दिसंबर 2025 के अनुसरण में जारी की गई है, जिसके अंतर्गत 1 फरवरी 2026 से जीएसटी की गणना वास्तविक लेन-देन मूल्य (Transaction Value) के बजाय पैकेज पर अंकित RSP के आधार पर की जाएगी।
29 दिसंबर 2025 की एडवाइजरी के अनुसार आईटीसी रिक्लेम और आरसीएम क्रेडिट अब सिस्टम द्वारा पहले जाँचे जाएंगे। विसंगति होने पर GSTR-3B दाखिल नहीं किया जा सकेगा।