वित्तीय वर्ष 2026–27 में प्रवेश करते समय व्यवसायों के लिए जीएसटी अनुपालन को केवल नियमित रिटर्न फाइलिंग न मानकर एक रणनीतिक प्रशासनिक कार्य के रूप में अपनाना आवश्यक है। वर्ष के अंत से पहले कई महत्वपूर्ण अनुपालन कदम पूरे करना जरूरी है ताकि ब्याज, जुर्माना, आईटीसी अवरोध और विभागीय जांच जैसी समस्याओं से बचा जा सके। प्रमुख कार्यों में 31 मार्च 2026 तक शून्य-रेटेड आपूर्ति के लिए एलयूटी (LUT) दाखिल करना, पात्र होने पर कंपोजिशन स्कीम के लिए CMP-02 फाइल करना, कंपोजिशन में जाने पर ITC-03 दाखिल करना और QRMP योजना का विकल्प चुनना शामिल है। इसके अतिरिक्त GTA घोषणाएं एकत्र करना, 1 अप्रैल 2026 से इनवॉइसिंग रीसेट करना, कुल कारोबार की पुनर्गणना कर स्कीम पात्रता और ई-इनवॉइसिंग की जांच करना, GSTR-2B और GSTR-3B का आईटीसी मिलान करना, RCM देनदारियों का सही भुगतान करना तथा HSN कोड और फेज-III रिपोर्टिंग अपडेट करना भी आवश्यक है। नियमित अनुपालन समीक्षा व्यवसायों को नोटिस, ऑडिट और नकदी प्रवाह संबंधी जोखिमों से बचाने में सहायक होती है।
हमारे द्वारा नीचे एक समेकित कार्य योजना प्रस्तुत है-
1. शून्य-रेटेड आपूर्तियों के लिए एलयूटी(LUT )फाइल करें।(Zero Rated Supply)
अंतिम तिथि – 31 मार्च 2026
यह निर्यातकों पर आईजीएसटी(IGST )के भुगतान और कार्यशील पूंजी अवरोध से बचने के लिए निर्यातकों को समय पर एलयूटी(LUT )फाइल करना चाहिए।
2. कंपोजिशन स्कीम(Composition Scheme )
का विकल्प चुनें (यदि पात्र हों)
CMP-02 फाइल करने की अंतिम तिथि – 31 मार्च 2026
इस विकल्प का उपयोग करने से पहले अपनी टर्नओवर और मार्जिन संरचना का मूल्यांकन करें।
3. ITC-03 दाखिल करें (यदि कंपोजिशन में परिवर्तित हो रहे हैं)
अंतिम तिथि- 30 मई 2026
स्टॉक और पूंजीगत वस्तुओं पर आईटीसी(ITC )का अनिवार्य रिवर्सल है।
4. QRMP SCHEME का विकल्प चुनें
अंतिम तिथि – 30 अप्रैल 2026
निर्धारित सीमा तक के टर्नओवर वाले व्यवसायों के लिए उपयुक्त – नकदी प्रवाह नियोजन में सुधार करता है।
5. जीटीए(GTA )घोषणाएँ एकत्र करें
भविष्य में कर संबंधी मांगों से बचने के लिए आरसीएम का उचित अनुपालन सुनिश्चित करें।
6. Invoicing Reset
प्रभावी तिथि – 1 अप्रैल 2026
अनुपालन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य वार्षिक रीसेट।
7. कुल कारोबार की पुनर्गणना(Total Turnover Recalculate)निम्नलिखित से संबंधित निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण जैसे
कंपोज़िशन पात्रता(Composition Scheme )
क्यूआरएमपी पात्रता(QRMP)
ई-इनवॉइसिंग की प्रयोज्यता(E Invoicing)
ऑडिट सीमाएँ( Audit Limit)
8. आईटीसी(ITC )का मिलान करें
यह कि आईटीसी (ITC)बेमेल नोटिस से बचने के लिए GSTR-2B का GSTR-3B से मिलान करें।
9. आरसीएम(RCM )देनदारियों का निपटान करें
ब्याज के जोखिम से बचने के लिए GSTR-3B के माध्यम से सटीक भुगतान सुनिश्चित करें।
10. एचएसएन कोड(HSN CODE)और चरण-III रिपोर्टिंग को अपडेट करें
यह कि बी2बी और बी2सी इनवॉइस की सही रिपोर्टिंग और अलग-अलग प्रकटीकरण सुनिश्चित करें।
निष्कर्ष –
आज जीएसटी अनुपालन में अनियमितता के परिणामस्वरूप निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न होती हैं। जैसे –
आईटीसी अवरोध(ITC Blocked)
स्वचालित सूचनाएं
धारा 50 के तहत ब्याज(Interest under section 50)
विभागीय लेखापरीक्षाएं(Departmentail Audit)
नकदी प्रवाह में अक्षमताएं(Cash Flow Block)
नियमित रूप से की जाने वाली तिमाही अनुपालन समीक्षा नियामक बाधाओं को कम करती है और कार्यशील पूंजी की दक्षता में सुधार करती है।
एड. संजय शर्मा मेरठ की निःशुल्क सेवा टैक्स प्रोफेशनल और व्यवसायों को निम्नलिखित में सहायता प्रदान करते हैं। जैसे –
जीएसटी जांच और अनुपालन ऑडिट(GST Audit & Compliance)
– आईटीसी मिलान ढांचा(ITC Reconciliation Structure)
– योजना मूल्यांकन (नियमित बनाम संयोजन बनाम क्यूआरएमपी)(Scheme Evaluation Normal vs QRMP)
– आरसीएम जोखिम मूल्यांकन(RCM Risk Assessment )
– संपूर्ण जीएसटी अनुपालन प्रबंधन (Entire GST Compliance Management)
यदि आप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक संरचित जीएसटी तैयारी समीक्षा चाहते हैं, तो बेझिझक हमसे संपर्क करें। पूरे भारत में निःशुल्क परामर्श सहायता उपलब्ध करते है।



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