टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथी 30/11/2014 कर दी गई है लेकिन आयकर रिटर्न की अंतिम तिथी अभी भी 30/09/2014 ही है एवं यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्तिथी है . दिनांक 25/07/2014 से 20/08/2014 के मध्य लगातार 25 दिन आयकर साईट पर सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण एक भी रिटर्न पेश नहीं किया जा सका , एक यही कारण काफी है आयकर रिटर्न की तारीख बढाने के लिए ( अन्य कारण तो पहले ही बताये जा चुके है) लेकिन जो संकेत आ रहे है उनसे यह लगता है कि हमारे कानून निर्माता कोई भी तर्क मानने को तैयार नहीं है .

निश्चित रूप से यह एक अव्यवहारिक , अतार्किक एवं अनुचित फैसला है जिसका प्रारम्भ वर्ष के मध्य में टैक्स ऑडिट के प्रारूप को बदल कर किये गए एक गलत फैसले से हुआ एवं जिसका अंत आयकर रिटर्न की तारीख को टैक्स ऑडिट की तारीख से पूर्व रखने के रूप में हुआ है चाहे इसके लिए आयकर रिटर्न के प्रारूप को ही क्यों अव्यहारिक रूप से तोड़ना – मरोड़ना पड़े क्यों कि स्वयं आयकर रिटर्न का वर्तमान प्रारुप भी इस व्यवस्था की इजाजत नहीं देता है .

यदि निर्धारिती आयकर रिटर्न को टैक्स ऑडिट रिपार्ट के पूरा होने के पहले भर देते है एवं टैक्स ऑडिट में कोई परिवर्तन होता है तो आयकर रिटर्न को रिवाइज किया जा सकता है जैसा कि हमें समझाया जा रहा है लेकिन इस परिवर्तन (रिवाइज रिटर्न ) के कारणों के लिए विभाग कोई कार्यवाही या जांच नहीं करेगा इसका कोई आश्वासन भी नहीं दिया जा रहा है . व्यवहारिक रूप से यही उधित होता कि आयकर रिटर्न को टैक्स ऑडिट के पूरा होने के बाद ही भरा जाए.

आइये देखे आपको इस सम्बन्ध में क्या –क्या ध्यान में रखना है :-

1.यदि आपको “हानि” को आगे ले जाना है (carry forward of losses) तो आपको रिटर्न 30/09/2014 तक ही भरना होगा. लेकिन ध्यान रखे कि यह प्रावधान मकान सम्पति से होने वाली हानि (losses under the head Income frm House property) एवं मूल्य ह्रास (Depreciation) के आगे ले जाने पर लागू नहीं होते है .इस सम्बन्ध में निम्नलिखित ध्यान में रखे :-

(i). Losses under the head Business and Profession (including speculation Business) – To carry forward return must be filed on or before 30/09/2014.

(ii). Losses under the head capital gain- To carry forward return must be filed on or before 30/09/2014.

(iii). Losses under the Head House property – Even if return is filed after 30/09/2014 Losses under this Head “can be” carried forward. See this is very important provion.

(iv). Owning and maintaining Race Hources(Income from other sources) – To carry forward return muse be filed on or before 30/09/2014.

Losses under any other head are not allowed to be carried forward in any case.

2.यदि किसी केस में स्वत: निर्धारण कर (Self assessment tax) का भुगतान करना है तो यदि रिटर्न 30/09/2014 नहीं भरा है तो इस पर ब्याज का भुगतान आपको रिटर्न भरने तक की अवधि तक करना पडेगा इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आपने स्वत; निर्धारण कर का भुगतान 30/09/2014 से पूर्व ही कर दिया है .

यहां यह ध्यान रखे कि इस व्यवस्था के विरुद्ध भी माननीय उच्चत्तम न्यायालय ने CIT Vs. Dr. Pranay Raoy (2009) 179 Taxmann 53 (SC) में यह निर्णय दिया है कि यदि कर आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथी के पहले ही कर चुका दिया है तो आयकर अधिकारी को ब्याज लगाने का आदेश नहीं दे सकते है .

3. एक बात और ध्यान में रखे कि यदि आपने आयकर रिटर्न समय पर नहीं भरा है तो आप जब भी जरुरत हो इसे रिवाइज नहीं कर पायेंगे. इसलिए ध्यान रखे ऐसे केस जहाँ रिटर्न रिवाइज करने की थोड़ी भी संभावना आपको नजर आती है उन रिटर्न्स को आपको 30/09/2014 के पहले ही भरना होगा. यह मालुम करना आसान नहीं है लेकिन केस की पूर्व हिस्ट्री या आय का स्वरुप देखते हुए इस सम्बन्ध में आप निर्णय ले सकते है वैसे व्यवहारिक रूप से देखे तो ऐसे केस बहुत ही कम होते है .

4. धारा 43B के तहत आने वाले वैधानिक खर्च को 30/09/2014 तक भुगतान करवा दे .

जो संभावनाए ऊपर व्यक्त की गई है उनको ध्यान में रखते हुए आप अपनी कार्य योजना बनाए ताकि इस अव्यवाहारिक निर्णय के बाद भी अपना कार्य कर सके.

इसके अतिरिक्त भी कोई और प्रावधान ध्यान में रखना हो तो कृपया यहाँ शेयर करे ताकि सभी सदस्य अपनी कार्य योजना बना सके.

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-CA Sudhir Halakhandi,  -CA Abhas Halakhandi

Halakhandi And Company, Chartered Accountants

“Halakhandi”, Laxmi Market, Beawar-305901(Raj)

Cell- 9828067256,  MAIL [email protected]

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0 Comments

  1. madan mohan gupta says:

    Realising the importance of professional issues by common business man is equally important so that they are not misguided in the name of legal horror. Laws are meant for smooth business. Business man should follow them for national development but Business man cannot be slaves of laws against natural justice principles meant to provide justice to weakest.

  2. A Raut says:

    Sir,
    I m a central gov. employee. My income chargeable under head salary is 3776666 for fy 14-15 as per form 16.but from this amount, there is 33600 exempt income ( high altitude area allowance ) which is included in it.Should I fill ITR 1? If yes,then what amount should I fill in col 1.income from salary and col 26.income under salary in TDS1 of itr 1 .As per me in col1 -: 343066 (376666-33600) and in col26 -: 376666.sir please guide and help.Thanks

  3. CA KIRAN SIPANI says:

    Dear Professional Friends.

    Sir We are living in India , Work in India , earn in India , Hindi Language is our Mother tongue , Why we are not expressing our View in our Mother Tongue . We appreciate to Ca Sudhir Ji for making Good Efforts for Our Professional Member

  4. GOPAL TULSYAN ADVOCATE says:

    sir, i am very proud of you b.cos you follow P M vichardhara. i am also greatful to you and welcome for hindi language. regards,

  5. Shailendra jaiswal says:

    CA VINAY SIR,
    THE ABOVE MENTION INTEREST ON LATE FILLING OF ITR PRESENTLY CHARGED BY DEPARTMENT OR NOT, BECAUSE THERE IS OPPOSITE DECISION OF RESPECTED
    SUPREME COURT ,

  6. Vinay Joshi says:

    Hello CA Sandeep Kanoai,

    DOES A COMMON MAN FILE A TAX AUDIT REPORT?

    So an address as above to the CA’s, respected members if the prestigious ICAI be in Hindi? What is lost in translation?

    Sandeep, what was the need for you to put a professional aspect in OTHER THAN ICAI language?

    Explain. This is professional aspect put up by me.

    Regards,

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