आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए 1 फरवरी 2021 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में टैबलेट के जरिए बजट पेश किया। कोरोना संकट के इस दौर में लोगों को आशा थी कि मोदी सरकार मध्यम वर्ग को राहत देगी, जिससे नौकरी-पेशा तथा कम आय वाले करदाताओ को लाभ होगा, मगर बजट से नौकरी पेशा और कम आय वाले करदाताओ को निराशा मिली मोदी सरकार के इस बजट में निम्न निर्णय लिये गये है जिन्हें अच्छा कहा जा सकता है बजट से सभी को खुश नहीं किया जा सकता है मगर फिर भी सरकार ने राजकोषीय घाटे के बाद भी अच्छा और संतुलित बजट पेश किया है

1. मोदी सरकार कोरोना के खिलाफ जंग में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए पैतीस हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान किया 2021-2022 के लिए आम बजट प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के टीकों के लिये पैतीस हजार करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। जरूरत पड़ने पर और धन देने के लिये हम प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत पहले ही कोविड-19 के दो टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी दे चुका है और देश में जल्द ही दो और टीकों को टीकाकरण अभियान में शामिल किया जा सकता है।

2. बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा बढ़ाकर सरकार ने विदेशी कंपनियों को भारत की ओर आकर्षित करने की एक और पहल की है। सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश(एफडीआई) की सीमा को बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इस कदम का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित करना है।

3. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर देने वाले करदाताओ को आम बजट 2021 में कोई राहत नहीं दी है। सरकार ने शराब, काबुली चना, मटर, मसूर की दाल समेत कई उत्पा दों पर कृषि इन्फ्रा स्ट्र क्च्र सेस लगाने की भी घोषणा की है। वित्ता मंत्री ने इस साल कस्टिम्स में 400 से ज्या्दा छूटों की समीक्षा करने का प्रस्तासव दिया है। वित्त। मंत्री ने अप्रत्य क्ष करों में बदलाव की घोषणा जरूर की है। कई तरह के कच्चेा माल पर कस्टयम ड्यूटी बढ़ा दी गई है। कुछ स्टीसल उत्पाषदों पर ड्यूटी हटा दी गई है। इसके अलावा कॉपर स्क्रै प पर ड्यूटी को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया गया है। मोबाइल्सई के कुछ पार्ट्स पर अब 2.5% ड्यूटी चुकानी होगी।

बजट के बाद कॉटन, सिल्क , प्ला्स्टिक, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्सग आइटम्सं, ऑटो पार्ट्स, सोलर प्रॉडक्ट्सर, मोबाइल, चार्जर, एलइडी बल्ब, , फ्रिज/एसी, शराब महेंगे हो जायँगे, तथा नायलॉन के कपड़े, लोहा, स्टीमल, कॉपर आइटम्सस, सोना, चांदी, प्लेएटिनम आदि वस्तुए सस्ती होंगी

4. वित्त मंत्री ने इस बजट में टैक्स ऑडिट की सीमा को पांच करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर दस करोड़ रुपये के टर्नओवर तक कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस पहले ही उन्होंने एक करोड़ रुपये के टर्नओवर से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये कर दिया था। ये उनके लिए है जो अपनी करीब 95 फीसदी ट्रांजेक्शन डिजिटल माध्यम से करते हैं।

5. देश में पहली बार डिजिटल तरीके से जनगणना होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने आगामी जनगणना के लिए 3, 726 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं और पहली बार देश में डिजिटल जनगणना होगी।

6. मोदी सरकार ने 75 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों को बड़ी राहत दी है। इस आयु सीमा के लोगों को अब आयकर रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी। वित्त मंत्री सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-2022 के अपने बजट भाषण में यह घोषणा भी की कि केवल पेंशन और ब्याज आय वाले 75 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। ब्याज का भुगतान करने वाले बैंक अपनी ओर से कर की कटौती कर लेंगे। इसके अलावा, वित्त मंत्री ने आयकर आकलन मामलों को फिर से खोले जाने की समय सीमा छह साल से घटा कर तीन साल कर दी। इसके साथ ही कर धोखाधड़ी से जुड़े ऐसे गंभीर मामलों में जहां छिपायी गयी आय 50 लाख रुपये या उससे अधिक है, यह अवधि 10 साल होगी।

7. केंद्र सरकार ‘किफायती आवास’ और ‘सभी के लिए आवास’ को काफी समय से तवज्जो दे रही है. सरकार ने बजट में भी इस क्षेत्र पर फोकस किया. इसी क्रम में वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान, किफायती आवास कर्ज पर दिए गए ब्याज पर डेढ़ लाख रुपये की छूट को एक साल के लिए और बढ़ाने की घोषणा की है. साथ ही किफायती आवास परियोजनाएं भी 31 मार्च 2022 तक कर अवकाश का लाभ उठा सकती हैं. वित्त मंत्री के इस कदम से रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आने की संभावना है. साथ ही घर खरीदने वालों को भी बढ़ावा मिलेगा.

8. वित्त मंत्री ने कहा यह बजट स्टार्टअप के लिये बड़ा प्रोत्साहन होगा। सरकार देश में स्टार्टअप को बढ़ावा देना चाहती है। यही कारण है कि इस बार के बजट में स्टार्टअप्स के लिए एक साल तक के टैक्स हॉलिडे का ऐलान किया गया है। इसका मतलब है कि स्टार्टअप्स को 31 मार्च, 2022 तक कोई भी टैक्स नहीं देना होगा। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि स्टार्टअप्स के लिए टैक्स हॉलिडे को एक साल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा स्टार्टअप्स को दिए गए कैपिटल गेन्स की छूट को भी एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है।

9. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेट्रोल पर ढाई रुपये और डीजल पर चार रुपये का कृषि सेस लगाने का ऐलान किया। हालांकि, ऐसा कहा जा रहा है कि इसका असर उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा और ये सेस कंपनियों को देना होगा। मगर आशंका जताई जा रही है कि बाद में कंपनियों की मनमानी की कीमत कहीं उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ सकती है।

10. कोरोना काल में करदाताओ को आयकर में छूट मिलने की उम्मीद थी, मगर वे खाली हाथ रह गए। इस बजट में उनके लिए कुछ भी नहीं है। मध्यम वर्ग और नौकरी-पेशा वालों के लिए न तो कोई अतिरिक्त टैक्स छूट दी गई और न ही टैक्स स्लैब में कोई बदलाव किया गया। कम वेतन वाले टैक्सपेयर्स, मिडिल क्लास और छोटे-मोटे बिजनेस करने वालों को टैक्स को लेकर सबसे अधिक उम्मीदें थीं, मगर उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स स्लैब में इस बार कोई भी बदलाव नहीं किया। इस तरह से मध्यम वर्गीय लोगों को पहले की तरह ही टैक्स नियमों का पालन करना होगा। सिर्फ 75 साल से अधिक उम्र के लोगों को राहत मिली है।

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