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अर्जुन: हे माधव, प्रणाम! मेरी एक समस्या का निवारण कीजिए।

कृष्ण: कहिए अर्जुन! बताइए क्या समस्या हैं?

अर्जुन: माधव, मुझे यह बताए कि GST कानून के तहत एक टैक्सपेयर कितने रुपए का नकद में लेन-देन कर सकता हैं?

कृष्ण: वत्स! GST कानून में नकद लेन-देन को लेकर कोई भी प्रावधान नहीं हैं परन्तु इनकम टैक्स कानून के तहत नकद लेन-देन पर विभिन्न प्रावधान हैं।

अर्जुन: प्रभु! मुझे इन प्रावधानों बारे के विस्तार से बताइए।

कृष्ण: अर्जुन, इनकम टैक्स अधिनियम के तहत नकदी में पैसे लेने की सीमा से संबंधित कुछ प्रावधान हैं।

इनकम टैक्स अधिनियम के अनुभाग 269 ST के अनुसार अगर कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति से 2 लाख या उससे ज्यादा रुपए लेता हैं ;

1. एक दिन में एक व्यक्ति से

2. एक लेन-देन (transaction) के लिए

3. एक Event या एक occasion के लिए

तो रुपए पाने वाला (Receiver) व्यक्ति, इनकम टैक्स अधिनियम के अनुभाग 271DA के तहत , ऐसी रसीद की राशि के बराबर राशि जुर्माने के तौर पर भरेगा।

Cash Transaction

उदाहरण के तौर पर जैसे:

1. अगर Mr. A ने Mr. B को दो बार अलग अलग दिन में माल बेचा। जिनकी कीमत 1.25 लाख और 1.20 लाख थी। अगर Mr. B एक दिन में Mr. A को 2.45 लाख का भुगतान नकद में कर देता  है तो Mr. A पर 100 % जुर्माना लगेगा अर्थात Mr. A पर 2.45 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।

2. अगर Mr. P ने Mr. Q को एक बिल के तहत 3 लाख का माल बेचा। उस की पेमेंट 1.25 लाखऔर 1.75 लाख दो अलग-अलग तिथि में नकद ली तो भी Mr. P पर 100 % जुर्माना लगाया जाएगा।

3.अगर शादी में गार्डन वाले ने गार्डन बुक करके 2 लाख से ज़्यादा की पेमेंट नकद में ली, तो उस गार्डन के मालिक पर 100% जुर्माना लगाया जाएगा।

4. अगर किसी गाड़ी के विक्रेता ने कोई गाड़ी बेच कर 2 लाख से ज़्यादा की पेमेंट नकद में ली, तो उस गाड़ी के विक्रेता पर 100 % जुर्माना लगाया जाएगा।

हालांकि निम्न व्यक्तियों को 2 लाख से अधिक राशि नकद में प्राप्त करने से छूट दी गयी हैं-

1. सरकार

2. बैंकिंग कंपनी

3. पोस्ट ऑफिस

4. को- ऑपरेटिव बैंक

5. कोई ऐसा व्यक्ति जिसे केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया गया हो।

अर्जुन: भगवन , मुझे खर्चे से संबंधित प्रावधान और बतलाने की कृपा करें।

कृष्ण: अर्जुन, इनकम टैक्स अधिनियम में नकदी में खर्चे का प्रावधान अनुभाग 40 A(3) में हैं।

इनकम टैक्स अधिनियम के अनुभाग 40A(3) के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति को एक दिन में 10,000 से अधिक का कोई भी भुगतान नकद में करता हैं, तो उसे खर्चे की छूट नहीं मिलेगी।

हालांकि , आप किसी माल के plying, hiring या leasing के लिए किसी व्यक्ति को भाड़ा देते हो, तो नकद भुगतान की सीमा( लिमिट) 10,000 नहीं होकर 35,000 रुपए मानी जायेगी।

उदाहरण के तौर पर;

आप कोई व्यवसाय करते हैं , उसमें आपने किसी अन्य व्यक्ति को एक दिन में 45,000 रुपए का भुगतान नकद में किया तो आपके द्वारा किया गया यह भुगतान अस्वीकार (disallow) कर दिया जाएगा अर्थात इसको इनकम टैक्स के हिसाब से ख़र्चा नहीं माना जाएगा और आपकी इनकम में इसे जोड़ दिया जायेगा।

हालांकि कुछ खास जगह पर ये प्रावधान लागू नहीं होता जिन्हें रूल 6DD में बताया गया हैं अर्थात आप इन परिस्थितियों में 10,000 रुपए से अधिक का नकद में भुगतान कर सकते हैं, तो वह भुगतान आपका मान्य होगा।

जैसे:

  • यदि आप किसी बैंक या अन्य क्रेडिट इंस्टीट्यूशन को भुगतान करते हैं जैसे- RBI, LIC, Co-Operative Society आदि।
  • सरकार को
  • भुगतान किसी ऐसे व्यक्ति को करना हो जो गांव में या कस्बे में रहता हो या वहां व्यवसाय करता हो जहाँ कोई बैंक नहीं हो
  • भुगतान किसी बैंकिंग सिस्टम के माध्यम से किया गया हो, जैसे- डेबिट या क्रेडिट कार्ड द्वारा, मेल या टेलीग्राफिक ट्रांसफर, bills of Exchange आदि।
  • यदि किसी किसान, उत्पादक या निर्माता को निम्न के लिए भुगतान किया गया हो जैसे-

मछली या मछली के उत्पादों के लिए

मधुमक्खी पालन या बागवानी के संबंध में

एग्रीकल्चरल या फारेस्ट उत्पाद के लिए

पशुपालन के उत्पाद के लिए या डेयरी या मुर्गी पालन के लिए

  • जब किसी कॉटेज इंडस्ट्रीज के producer को ऐसे उत्पादों के लिए भुगतान किया जा रहा हो, जो कि बिना पावर की सहायता के बने हो
  • जब किसी एम्प्लायर द्वारा अपने एम्प्लोयी को सेक्शन 192 के अनुसार टीडीएस काटने के बाद निम्न केस में पेमेंट किया जा रहा हो,
    • अस्थायी रूप से लगातार 15 दिन या अधिक के लिए अपनी ड्यूटी की जगह से किसी अन्य जगह या शिप में कार्य करने पर और
    • उस जगह या शिप पर उसका कोई बैंक अकाउंट नहीं होने पर
  • किसी एम्प्लोयी को रिटायरमेंट, छटनी या मृत्यु होने पर Gratuity या रिटायरमेंट कंपनसेशन या कोई अन्य बेनिफिट देने पर जो कि 50,000 से अधिक नहीं हो,
  • यदि कोई ऐसा पेमेंट हो जो कि बैंक के अवकाश या स्ट्राइक के दिन किया गया हो और यह भुगतान उसी दिन किया जाना जरुरी हो।

अर्जुन: भगवन, क्या 2 लाख की नकद रसीद (receipt) का प्रावधान निजी लेन देन पर भी लागू होगा?

कृष्ण: हाँ, अर्जुन। यह प्रावधान निजी लेन देन पर भी लागू होगा। उदाहरण के तौर पर –

Mr. A ने Mr. B को एक आवासीय घर (Residential House) बेचा और 2 लाख से ज्यादा नकद प्राप्त किया । तो Mr. A पर नकद में प्राप्त राशि के बराबर राशि का जुर्माना लगेगा।

अर्जुन: भगवन! अगर कोई इनकम जिस पर इनकम टैक्स नहीं लगता क्या यह जुर्माना उस इनकम पर भी लगेगा।

कृष्ण: हाँ, अर्जुन! जो इनकम, इनकम टैक्स अधिनियम के तहत के छूट के दायरे में हैं उन पर भी यह जुर्माना लगेगा। जैसे- Mr. A ने Mr. B को 4 लाख रुपए का नकद गिफ्ट दिया। तो इस केस में Mr. B पर 100% जुर्माना लगेगा अर्थात 4 लाख रुपए जुर्माना लगेगा।

अर्जुन: भगवन, क्या इनकम टैक्स कानून के तहत बैंक से नकदी निकालने पर भी कोई प्रावधान हैं ?

कृष्ण: हाँ अर्जुन,  इनकम टैक्स अधिनियम में बैंक से नकदी निकालने के लिए भी प्रावधान हैं।

यह प्रावधान 1 सितंबर 2019 से लागू किया गया हैं।

अगर कोई करदाता एक वित्त वर्ष में 1 करोड़ से अधिक नकद निकालता हैं तो अनुभाग 194 N लागू होगा।

यह अनुभाग किसी भी करदाता द्वारा की गई निकासी पर लागू होगा, जिसमें शामिल हैं –

  • एक व्यक्ति
  • एक हिन्दू अविभाजित परिवार (HUF)
  • एक कंपनी
  • एक साझेदारी फर्म या एक LLP
  • एक स्थानीय प्राधिकारी (A Local Authority)
  • व्यक्ति की एसोसिएशन (AOPs) या व्यक्तियों का निकाय (BOI)

इस अनुभाग के तहत निम्न दाताओं को शामिल किया गया हैं:

  • कोई भी बैंक (निजी या सार्वजनिक क्षेत्र)
  • एक सहकारी बैंक (co-operative Bank)
  • डाक घर

इस अनुभाग में दाता द्वारा 2% की दर से TDS काटा जाएगा अगर नकद निकासी एक वित्त वर्ष में 1 करोड़ से अधिक हैं । इस अनुभाग के तहत 1 करोड़ से ऊपर की राशि पर TDS काटा जाएगा कुल राशि पर नहीं।

उदाहरण के तौर पर-

अगर एक व्यक्ति बैंक से कुल 99 लाख रुपए नकद निकाल चुका हैं एक वित्त वर्ष में तथा अगली निकासी में वह 150000 रुपए निकालता हैं तो TDS सिर्फ़ 50,000 रुपए पर ही कटेगा।

अर्जुन: प्रभु! 1 करोड़ रुपए नकद निकासी की सीमा एक बैंक में सब खातों को मिलाकर लागू होगी या नहीं। कृपा मेरा संशय दूर करे।

कृष्ण: हाँ अर्जुन, एक बैंक में मौजूद सभी खातों से निकाली गई नकदी अगर 1 करोड़ रुपए से अधिक हैं तो 2% TDS कटेगा।

उदाहरण के तौर पर :

अगर एक बैंक में आपका चालू खाता भी हैं और बचत खाता भी हैं तो 1 करोड़ की सीमा दोनों खातों  को मिलाकर देखी जाएगी।

अर्जुन: भगवन, अगर मेरे अलग – अलग बैंक में खाते हैं तो क्या 1 करोड़ रुपए की सीमा सभी बैंक खातों को मिलाकर लागू होगी?

कृष्ण: अर्जुन,एक वित्तीय वर्ष में 1करोड़ रुपए की सीमा प्रति बैंक या डाकघर के संबंध में हैं, न कि किसी करदाता के व्यक्तिगत खाते के संबंध में।

उदाहरण के तौर पर:

जिस व्यक्ति के 4 अलग-अलग बैंकों में बैंक खाते हैं, वह बिना किसी टीडीएस के 1 करोड़*4= 4 करोड़ रुपए की नकदी निकाल सकता हैं।

अर्जुन: भगवन, अगर किसी करदाता ने अपनी पिछली इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं की हो, तो क्या उसके लिए भी नकद निकासी की सीमा 1 करोड़ की होगी?

कृष्ण: नहीं अर्जुन, बजट 2020 ने करदाताओं के लिए टीडीएस की सीमा को घटाकर 20 लाख रुपए कर दिया गया हैं, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों से अपना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया हैं। ऐसे करदाताओं को 20 लाख रुपए से 1 करोड़ तक के  नकद निकालने पर टीडीएस के रूप में 2% का और 1 करोड़ से अधिक नकद निकालने पर टीडीएस के रूप में 5% का भुगतान करना पड़ता हैं।

अर्जुन: हे माधव! आप धन्य हैं जो आपने मेरा मार्गदर्शन किया।

कृष्ण: तथास्तु  । ।

Author Bio

Rahul Mittal is a Founder of the firm. He is a graduate and a fellow member of Institute of Chartered Accountants of India with 10 years standing in the profession. He has completed the Diploma in Information System Audit (DISA) from ICAI. He has also completed the certification course on Forensic a View Full Profile

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