जीएसटीएन ने दिनांक 23.01.2026 को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है, जिसमें कुछ अधिसूचित तंबाकू एवं उससे संबंधित उत्पादों के लिए Retail Sale Price (RSP) आधारित वैल्यूएशन और रिपोर्टिंग व्यवस्था को स्पष्ट किया गया है। यह एडवाइजरी Central Tax Notifications संख्या 19/2025 एवं 20/2025, दिनांक 31 दिसंबर 2025 के अनुसरण में जारी की गई है, जिसके अंतर्गत 1 फरवरी 2026 से जीएसटी की गणना वास्तविक लेन-देन मूल्य (Transaction Value) के बजाय पैकेज पर अंकित RSP के आधार पर की जाएगी। इस एडवाइजरी का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि RSP को “Tax-Inclusive Value” माना जाएगा और उसी आधार पर GST की देयता निर्धारित होगी, भले ही वास्तविक बिक्री मूल्य कम हो। यह व्यवस्था पान मसाला, बिना संसाधित तंबाकू, सिगरेट, सिगार, अन्य तैयार तंबाकू उत्पादों तथा निकोटीन आधारित एवं बिना दहन वाले तंबाकू उत्पादों पर लागू होगी। चूँकि GST पोर्टल, e-Invoice, e-Way Bill एवं GSTR-1 जैसे अनुपालन सिस्टम अभी भी Transaction Value मॉडल पर कार्य करते हैं, इसलिए RSP आधारित वैल्यूएशन में सिस्टम वैलिडेशन त्रुटियों की संभावना थी। इस समस्या के समाधान हेतु जीएसटीएन ने एक facilitation mechanism प्रदान किया है, जिसके अंतर्गत करदाता Taxable Value कॉलम में वास्तविक बिक्री मूल्य, Tax Amount कॉलम में RSP आधारित GST तथा Total Invoice Value में इन दोनों का योग दर्शाएंगे। यह रिपोर्टिंग व्यवस्था केवल सिस्टम-संगतता के लिए है और इससे कानूनी रूप से RSP आधारित GST देयता में कोई परिवर्तन नहीं होता। अतः 1 फरवरी 2026 से अधिसूचित तंबाकू उत्पादों पर GST केवल RSP के आधार पर ही देय होगा।
पृष्ठभूमि —
यह कि सरकार ने मूल्यांकन में बदलाव के लिए नोटिफिकेशन (Central Tax Notifications 19/2025 और 20/2025, दिनांक 31 दिसंबर 2025) के माध्यम से कुछ तंबाकू उत्पादों के लिए वस्तु का टैक्स वैल्यूएशन ‘Retail Sale Price (RSP)’ के आधार पर निर्धारित करने का नियम 1 फ़रवरी 2026 से लागू किया है। इसका अर्थ यह है कि जीएसटी अब वास्तविक लेन-देन की कीमत (transaction value) के बजाय उत्पाद की पैकिंग पर मुद्रित ‘Retail Sale Price (RSP)’ के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
कौन से उत्पाद शामिल हैं?
यह कि जीएसटीएन एडवाइजरी उन तंबाकू उत्पादों के लिए है, जो निम्न HSN कोड सहित आधिकारिक रूप से अधिसूचित किए गए हैं—
| क्रम संख्या | HSN CODE | उत्पाद का नाम |
| 1 | 2106 90 20 | पान मसाला |
| 2 | 2401 | बिना संसाधित तंबाकू |
| 3 | 2402 | सिगरेट, सिगार, चेरेट आदि |
| 4 | 2403 | अन्य तैयार तंबाकू उत्पाद |
| 5 | 2404 11 00 | बिना दहन वाले तंबाकू उत्पाद |
| 6 | 2404 19 00 | निकोटीन आधारित बिना दहन उत्पाद |
जीएसटी की गणना?
जीएसटी टैक्स राशि की गणना RSP-आधारित फार्मूले से होगी—
जीएसटी राशि = (RSP × Applicable GST %) / (100 + Applicable GST %)
और
Deemed Taxable Value = RSP − GST राशि
इसका मतलब है कि RSP को “Tax-inclusive Value” के रूप में माना जाएगा, और टैक्स उसी पर लागू होगा, चाहे वास्तविक बिक्री मूल्य कम हो।
एडवाइजरी में रिपोर्टिंग की प्रक्रिया —
जीएसटीएन ने यह स्पष्ट किया है कि Compliance प्रणालियाँ (जैसे e-Invoice, e-Way Bill, GSTR-1/1A/IFF) देनदारियों को transaction-value मॉडल के हिसाब से मानती हैं, जहाँ Taxable Value + Tax = Total Invoice Value होना चाहिए। RSP-आधारित वैल्यूएशन में यह शर्त आसानी से पूरी नहीं होती—जिससे सिस्टम एरर आ सकते हैं।
इसलिए जीएसटीएन ने करदाताओं को यह निर्देश दिया है कि—
- Taxable Value Field में Net Sale Value
(a) वास्तविक लेन-देन की कीमत भरें। - Tax Amount Field में RSP-आधारित टैक्स राशि दर्ज करें।
- Total Invoice Value में Net Sale Value + RSP-आधारित टैक्स दर्ज करें।
यह एक facilitation/reporting mechanism है, जिससे सिस्टम validations में दिक्कत नहीं आती और साथ ही वैधानिक रूप से RSP-आधारित GST liability भी सही रहती है।
कुछ महत्वपूर्ण बातें —
- यह एडवाइजरी जीएसटी की वैधता को नहीं बदलती है। जीएसटी अभी भी RSP के आधार पर ही लागू किया जाता है।
- यह केवल रिपोर्टिंग और सिस्टम-फ्रेंडली वैधता के लिए निर्देश जारी किया गया है।
- करदाता को सही HSN और वैल्यूएशन नियमों के अनुसार अपनी रिटर्न दाखिल करना सुनिश्चित करना ज़रूरी है।
यह कि एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य जीएसटीएन सिस्टम की reporting validation के अनुरूप अकाउंटिंग/रिटर्न भरने का सही तरीका बताना है।
**जीएसटीएन की तंबाकू / पान मसाला आदि पर जारी RSP-आधारित एडवाइजरी के अनुसार
e-Invoice / GSTR-1 / e-Way Bill में एंट्री कैसे करें —**
उदाहरण —
चरणबद्ध उदाहरण से समझते हैं—
उत्पाद: पान मसाला
HSN: 2106 90 20
MRP / RSP (पैक पर छपी कीमत): ₹120 प्रति पैक
GST Rate: 28%
वास्तविक बिक्री मूल्य (Net Sale Price): ₹90
Quantity: 100 पैक
RSP-आधारित जीएसटी की गणना
RSP को Tax-inclusive माना जाएगा
चरण–1: कुल RSP
₹120 × 100 = ₹12,000
चरण–2: GST Amount निकालना
GST = (RSP × GST Rate) / (100 + GST Rate)
GST = 12,000 × 28 / 128
GST = ₹2,625
चरण–3: Deemed Taxable Value
₹12,000 – ₹2,625 = ₹9,375
ध्यान योग्य —
यह ₹9,375 केवल कानूनी टैक्स वैल्यू है।
सिस्टम में इसे सीधे नहीं भरा जाएगा (जिसका कारण नीचे बताया गया है)।
जीएसटीएन एडवाइजरी के अनुसार System-friendly Reporting
GST Portal / e-Invoice system अभी भी यह मानता है—
Taxable Value + GST = Invoice Value
जबकि RSP-based valuation में यह बराबरी नहीं बैठती।
इसीलिए जीएसटीएन ने reporting adjustment की अनुमति दी है।
e-Invoice / Tax Invoice में कैसे भरें (चरणबद्ध) —
(A) Taxable Value Column
यहाँ वास्तविक बिक्री मूल्य (Net Sale Value) भरें
₹90 × 100 = ₹9,000
यही आंकड़ा GSTR-1 में भी जाएगा।
(B) GST Amount Column
यहाँ RSP-आधारित GST Amount भरें
₹2,625
(C) Total Invoice Value
Net Sale Value + RSP-based GST
₹9,000 + ₹2,625 = ₹11,625
Final Invoice (जैसा सिस्टम में जाएगा)
Particulars | Amount (₹)
Taxable Value | 9,000
CGST @14% | 1,312.50
SGST @14% | 1,312.50
Total GST | 2,625
Invoice Value | 11,625
यहाँ Invoice Valid होगी, जीएसटी की Liability सही होगी और जीएसटीएन validation error नहीं आएगी।
GSTR-1 / IFF में Reporting —
B2B / B2C Table में—
Taxable Value: ₹9,000
Tax Amount: ₹2,625
Invoice Value: ₹11,625
RSP ₹12,000 अलग से GSTR-1 में नहीं दिखेगा
(पर कानून में वही base माना गया है)।
e-Way Bill में कैसे भरें —
Invoice Value: ₹11,625
Taxable Value: ₹9,000
Tax Amount: ₹2,625
HSN: 2106 90 20
यहाँ e-Way Bill auto-validation पास करेगा।
अकाउंटिंग / ऑडिट के लिए सावधानी —
यह कि Stock Register में MRP / RSP का रिकॉर्ड रखना होगा।
पैक पर छपी कीमत की फोटो / सैंपल सुरक्षित रखने चाहिए।
यह लिखित रूप में रखें कि GST Rule 32(5) / Notification के अनुसार RSP-based valuation लागू है।
निष्कर्ष —
यह कि जीएसटीएन ने तंबाकू उत्पादों के लिए RSP-based valuation and reporting advisory जारी की है, जो 1 फ़रवरी 2026 से लागू होगी।
नए RSP-based valuation नियमों के तहत Net Sale Value पर GST निकालना गलत होगा।
यदि RSP को सीधे Taxable Value में भरा जाएगा, तो जीएसटीएन error आएगी।
स्पष्ट है कि 1 फ़रवरी 2026 से जीएसटी देयता Retail Sales Price (RSP) पर ही देय होगी।
डिस्क्लेमर —
यह लेखक के निजी विचार हैं, जो जीएसटीएन एडवाइजरी पर आधारित हैं।


