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जीएसटी पोर्टल में नए बदलाव: वार्षिक रिटर्न, प्रमाणीकरण, ई-इनवॉयसिंग, और अधिक की नवीनतम अपडेट

यह कि वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 के अंतर्गत जीएसटी विभाग द्वारा दिन प्रतिदिन परिवर्तन किए जा रहे हैं। यदि हम इसे वस्तु एव सेवा कर अधिनियम ना  कहे  इस परिवर्तन अधिनियम कहें तो ज्यादा अच्छा होगा ।जैसे ही हाल में कुछ और परिवर्तन मिल रहे हैं जैसे

1. यह कि सप्लायर द्वारा जीएसटी R1/IFF के आधार पर टेबल 8 में दिनांक 30 नवंबर 2023 तक का डाटा अपलोड हो गया है ।जो एनुअल रिटर्न जीएसटी 9 के लिए तैयार है।

2. यह कि आंध्र प्रदेश ने वस्तु एव सेवा कर अधिनियम 2017 के नियम 8 में आधार बेस ऑथेंटिकेशन 4 दिसंबर 2023 से प्रभावी करने की घोषणा की है।

3. यह कि जीएसटी पोर्टल पर ई वे बिल के संबंध में 2FA  अर्थात दो मानक प्रमाणीकरण शुरू कर दिया है। जिसमें उन्होंने रुपए 20 करोड़ से अधिक टर्नओवर के करदाता को अनिवार्य कर दिया है ।तथा रुपए 20 करोड़ से कम के करदाताओं के लिए 6 माह की अंडरटेकिंग के आधार पर यह प्रक्रिया शुरू कर दी है ।अर्थात जब कोई करदाता E WAY BILL बनना हैं।तो उसे पोर्टल पर अपनी आउटवार्ड सप्लाई के आधार पर टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन 2FA का पालन करना होगा।

4. यह कि जीएसटी विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या 53/2023- केंद्रीय कर दिनांक 2 नवंबर 2023 द्वारा प्रथम अपील धारा 107 (1) के अंतर्गत एमनेस्टी स्कीम के अंतर्गत पोर्टल पर स्टार्ट कर दी है। यह अपील 31 जनवरी 2024 तक अपील फाइल की जा सकती है ।यह अपील उन करदाताओं के लिए है। जिनके विरुद्ध वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा 73/ 74 के अंतर्गत आदेश पारित हुआ। तथा वह 31 मार्च 2023 तक वह प्रथम अपील दाखिल नहीं कर पाए  उनके लिए यह स्कीम जारी की गई है  इस स्कीम के अंतर्गत करदाता का स्वीकृत कर ,ब्याज, पेनल्टी जमा होने आवश्यक है ।तथा पूर्व में 10% अपील फीस के अतिरिक्त 2.5% अतिरिक्त अपील फीस दाखिल करनी होगी ।जो कैश लेजर के माध्यम से जमा होगी। साथ ही विभाग को अधिकार होगा  कि वह पहले भुगतान का परीक्षण करेगा। तथा तभी अपील को स्वीकार करेगा।

5. यह कि धारा 62 के अंतर्गत जारी ASMT 13 के संबंध में जो जीएसटी 3B दाखिल ने करने के कारण जारी किया जाता है ।जिसकी अवधि 30 दिन से बढ़कर 60 दिन की गई है। यदि जीएसटी 3b ASMT 13 आदेश जारी होने के 60 दिन के भीतर दाखिल किया जाता है। तो मांग स्वत ही समाप्त हो जाएगी ।और यदि करदाता द्वारा 60 दिन से अधिक 120 दिन से पहले अपना रिटर्न दाखिल किया जाता है। तो उसे₹100 प्रतिदिन देरी के लिए जमा करने होंगे। साथ ही ASMT 13 में संशोधन हेतु करदाता द्वारा प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है।

6. यह कि पोर्टल पर अबE इनवॉइस पोर्टल पर जेसन फाइल(JSON ) डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है । इस नई कार्यक्षमता से करदाताओं को इन्वॉयस डाउनलोड करने में सरलता होगी ।तथा वे चालान देख सकते हैं IRN के द्वारा /डाउनलोड कर सकते हैं  जैसे पीडीएफ जेसन/ थोक में डाउनलोड/ समय अवधि के अनुसार एक्सेल प्रारूप में चालान की सूची डाउनलोड कर सकेंगे।यह कि 15/ 12/ 2023 से E इन्वॉइसिंग अपलोड के लिए₹ 5 करोड़ से अधिक के करदाता के लिए 6 डिजिट एचएसएन कोड कंपलसरी कर दिए गए हैं। इसके संदर्भ में 2020 का नोटिफिकेशन 78 का संदर्भ ग्रहण कर सकते हैं ।जिसमें एचएसएन कोड के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं

7. यह कि पोर्टल पर फॉर्म जीएसटी डीआरसी 01C जो आईटीसी मिसमैच के आधार पर जारी होगा। Automated Intimation होगी।उसकी कार्य क्षमता पोर्टल पर उपलब्ध करा दी गई है ।जो करदाता को जीएसटी R 2B में उपलब्ध आईटीसी और जीएसटीR 3b में दावा की गई आईटीसी में अंतर को समझने में सहायक है ।करदाता के जीएसटीR 3B पोर्टल पर उपलब्ध कराया गया है। प्रत्येक रिटर्न अवधि के लिए जीएसटीR 3b/ 3BQ में दावा की गई आईटीसी की तुलना जीएसटी R 2b/ 2BQ में उपलब्ध आईटीसी से करती है। यदि जीएसटी R 3b में दावा किया गया आईटीसी पूर्व निर्धारित सीमा से 2B में उपलब्ध आईटीसी से अधिक है या प्रतिशत अंतर पूर्व निर्धारित सीमा से अधिक है। तो करदाता को drc01C के रूप में एक ऑटोमेटिक सूचना प्राप्त होगी। सूचना प्राप्त होने पर करदाता को फॉर्म डीआरसी 01 Cके के भाग B का उपयोग करके अपना जवाब दाखिल करना होगा। कर दाता के पास फार्म डीआरसी 03 का उपयोग करके जारी डिमांड  का भुगतान किया जा सकता है या अंतर के संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने का विकल्प है या करदाता दोनों विकल्पों का संयोजन भी चुन सकता है। यदि करदाता द्वारा फार्म डीआरसी 01C पार्ट बी में कोई टिप्पणी नहीं की जाती है ।तो ऐसी स्थिति में करदाता अपनी अगली अवधि का जीएसटी R1/IFF दाखिल नहीं कर पाएगा।

8. यह कि जीएसटी पोर्टल पर जीएसटीR 9 के टेबल 17 और 18 में रुपए 10 के अंतर का प्रारूप स्वीकार किया जाएगा ।यदि फॉर्म जीएसटीR 9ऑनलाइन में शून्य देनदार की सूचना दी जाती है तो करदाता एचएसएन कोड की रिपोर्ट के बिना आगे बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी।

9. यह कि जीएसटी R 8 में  अपंजीकृत व्यक्तियों की आपूर्ति की रिपोर्टिंग के संदर्भ में नोटिफिकेशन संख्या 38/2023 सेंट्रल टैक्स दिनांक 4 अगस्त 2023 के संदर्भ में अपंजीकृत सप्लायर  द्वारा की गई आपूर्ति का विवरण टेबल 3.1 उसमें संशोधन करके टेबल 4.1 की रिपोर्टिंग के लिए जीएसटी 8 में दो नई टेबल शामिल की गई है । इसके अलावा ई-कॉमर्स ऑपरेटर द्वारा उसे स्टेट/ केंद्र शासित प्रदेश में पंजीकृत/ गैर पंजीकृत सप्लायर के कारोबार को देखने के लिए एक नई कार्य क्षमता प्रदान की गई है। जिसमें ई-कॉमर्स ऑपरेटर पंजीकृत होना चाहिए ।इसे देखने के लिए जीएसटी पोर्टल के सर्विस/यूजर सर्विस/नामांकन संख्या टर्नओवर 

इसी प्रकार  अपंजीकृत व्यक्ति को भी ई-कॉमर्स ऑपरेटर द्वारा सप्लाई को देखा जा सकता है।

10. यह है कि करदाता को बैंक खाते को वैलिड करने की प्रक्रिया  की कार्य क्षमता को उपलब्ध कराया गया है। अब करदाता अपने बैंक खाते को वैलिड करने के लिए सत्यापन की स्थिति देखने के लिए करदाता जीएसटी पोर्टल में प्रोफाइल में बैंक खाते की स्थिति तथा उसके सत्यापन की स्थिति के आइकॉन को देख सकता है ।यदि बैंक खाते का सत्यापन सफल हो गया है । लेकिन  कभी-कभी जीएसटी के अंतर्गत पंजीकृत PAN और बैंक खाते में रखे गए PAN समान नहीं है ।तो ऐसी स्थिति में खाता सत्यापित नहीं होता है। और खाता सत्यापित नहीं किया जा सकता। इस संदर्भ में करदाता को अपने PAN को अपडेट करना होगा। और पुनः ऑनलाइन सत्यापन होने की स्थिति में अपने खाते में बैंक खाते को वैलिड कर सकते हैं।

11. यह कि करदाताओं के मुख्य स्थान के अलावा व्यवसाय के अतिरिक्त स्थान के लिए जिओ कोडिंग (Geocoding) सुविधा को सक्षम किया गया है। अब यह सुविधा पोर्टल पर उपलब्ध है।

12. यह कि जीएसटी पोर्टल पर फॉर्म जीएसटी पीएमटी 07 के लिंक का प्लेसमेंट में बदलाव किया गया है ।ट्रैक भुगतान की स्थिति/चालान का इतिहास /बैंक से सीधे भुगतान की स्थिति प्रदर्शित करने के लिए पोर्टल पर एक नई सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।

यह लेखक के निजी विचार हैं।

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मेरा नाम संजय शर्मा हैं।मैं उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में इनडायरेक्ट टैक्सेस में वकालत करता हूं ।तथा मेरी शैक्षिक View Full Profile

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