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जीएसटी- राजस्थान सरकार भी अन्य सरकारों की तरह ई-वे बिल पर छूट दे

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CA Sudhir Halakhandi

CA Sudhir Halakhandi

 जीएसटी के दौरान ई –वे बिल का एक प्रावधान है जिसके अनुसार 50 हजार से अधिक के माल की सप्लाई पर ई –वे बिल जारी करना होता है और इस प्रावधान को लेकर व्यापार और उध्योग प्रारम्भ से ही असहज महसूस करता रहा है और इस सम्बन्ध में प्रारम्भ से ही दो तरह की मांग की गई उनमें से एक तो थी कि इस फॉर्म की अनिवार्यता को 50 हजार रुपये से बढ़ा कर 2 लाख कर दिया जाए और दूसरी थी कि इस केवल एक राज्य से दूसरे राज्य को गई गई सप्लाई के दौरान ही लागू किया जाए अर्थात राज्य के भीतर की सप्लाई पर पर ई-वे से या तो मुक्ति दी जाए या कोई छूट दी जाये  .

इस मांग पर जीएसटी कौंसिल ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई और इसका कई राज्यों ने रास्ता यह निकाला कि अपने राज्य से राज्य के भीतर ही की गई सप्लाई पर ई –वे बिल पर कई तरह की छूट देकर अपने डीलर्स को राहत दी है . लेकिन राजस्थान सरकार ने  इस मांग पर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया सिवाय इसके कि जॉब वर्क के लिए जो माल जाता था उसपर राज्य के भीतर आवागमन पर 50 किलोमीटर तक ई –वे बिल जारी करने से डीलर्स को मुक्ति दे दी लेकिन इससे आम डीलर को कोई मुक्ति नहीं मिली .

इस समय राजस्थान में यदि एक ही शहर में भी माल जाता है और ऐसा माल मोटर व्हीकल से जाता है तो ई –वे बिल अनिवार्य है अर्थात इस समय माल बेचने पर ई –वे बिल की अनिवार्यता पर कोई बहुत बडी व्यवहारिक छूट नहीं है. जॉब वर्क पर इस छूट का लाभ सभी डीलर्स को नहीं मिलता है तो अब राजस्थान सरकार को चाहिए वह राजस्थान के डीलर्स के राज्य के भीतर होने वाली बिक्री या सप्लाई पर उसी तरह से कोई छूट दे जैसे और भी राज्यों ने दे रखी है.

आइये देखें किस तरह विभिन्न राज्यों ने अपने डीलर्स को अपने राज्य के भीतर की बिक्री और सप्लाई जिसे इंट्रास्टेट सप्लाई भी कहतें है पर किस तरह छूट दी है :-

1. दिल्ली में राज्य के भीतर सप्लाई पर ई –वे बिल की लिमिट 50 हजार से बढ़ा कर 1 लाख कर दी है .

2. गुजरात ने एक ही शहर में माल के मूवमेंट पर से ई –वे बिल हटा लिया है.

3. पश्चिम बंगाल ने राज्य के भीतर सप्लाई पर ई –वे बिल की लिमिट 50 हजार से बढ़ा कर 1 लाख कर दी है .

4. छतीसगढ़ में राज्य के भीतर सप्लाई पर 15 वस्तुओं अर्थात  खाद्य तेल, कनफेक्शनरी, पान मसाला, तम्बाकू उत्पाद, प्लाइवुड, टाइल्स, आयरन एंड स्टील, इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक माल, मोटर पार्टस, फर्नीचर, फुटवियर, बेवरेजेस और सीमेंट पर राज्य के भीतर माल परिवहन पर ही ई-वे बिल प्रणाली लागू रहेगी। इसके अतिरिक्त सभी वस्तुएं ई –वे बिल से मुक्त है .

5. पंजाब सरकार ने भी राज्य के भीतर सप्लाई पर ई –वे बिल की लिमिट 50 हजार से बढ़ा कर 1 लाख कर दी है .

इसी प्रकार से कई राज्यों ने अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए अपने डीलर्स को ई- वे बिल के प्रावधानों में छूट दी है तो राजस्थान सरकार को भी अपने डीलर्स को इसी तरह की कोई छूट देकर अपने राज्य के डीलर्स को इस प्रक्रिया से कुछ राहत देनी चाहिए ताकि वे अपने उद्योग और व्यापार पर ध्यान दे सके इसके अतिरिक्त एक बात और भी है जब अन्य राज्य इस तरह की छूट दे सकती है तो फिर राजस्थान सरकार को भी इस और शीघ्र ही कदम उठाना चाहिए.

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