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GST ACT मे सेक्शन 19 सपठित सेक्शन 143 की व्याख्या

सेक्शन 19 में जॉब वर्क के लिए प्रेषित Goods एवं कैपिटल गुड्स के लिए आईटीसी के संबंध में प्रावधान

सेक्शन 19 में जब कोई रजिस्टर्ड पर्सन अपने माल के निर्माण या प्रसरण या पैकिंग आदि के लिए किसी अन्य व्यक्ति के पास गुड्स और कैपिटल गुड्स को प्रेषित करता है –

(1) प्रिंसिपल को आईटीसी मिलेगी। शर्तों के साथ।

(2) सेक्शन 16 (2)(b)के अनुसार प्रिंसिपल को आईटीसी मिलेगी जबकि सेक्शन 16 (2)(b) में गुड्स की डिलीवरी जरूरी है ।लेकिन सेक्शन 19 में बिना गुड्स की डिलीवरी के आईटीसी मिलेगा

(3) प्रिंसिपल गुड्स भेजने की तारीख से 1 साल के अंदर गुड्स ट्रांसफर या sale या वापस होना जरूरी है अन्यथा डीम्ड sale मानी जायेगी।

(4) यदि प्रिंसिपल कोई कैपिटल गुड्स ट्रांसफर करता है तो उस पर आईटीसी मिलेगा। सेक्शन 16(2)(b) की शर्तो के बिना भी i t c मिलेगा।

(5) प्रिंसिपल को कैपिटल गुड्स का आईटीसी भी मिलेगा चाहे उसे वह capital goodsरिसीव हुआ है या नहीं।

(6) कैपिटल गुड्स के लिए 3 वर्ष की अवधि रखी गई है यदि वह 3 वर्ष में sale या वापस नहीं होता है ।तो इसे deemed सेल मान लिया जाएगा ।तथा सेक्शन 50 के नियम लागू होंगे।

(7) वेस्ट मटेरियल ,सांचे आदि के संबंध में उपधारा (3) और (6) उपबंध लागू नहीं होगे।

नियम 45 के अनुसार प्रिंसिपल को आईटीसी 04 फार्म भरना होगा जिस के संबंध में जीएसटी के नियमनुसार जिन करदाता का टर्नओवर 5 करोड रुपए तक है वह वार्षिक आधार पर तथा जिनका टर्नओवर 5 करोड रुपए से अधिक है उन्हें छमाही आधार पर आईटीसी 04 फॉर्म सबमिट करना होगा जिससे आपके जॉबवर्क का वैल्यूएशन किया जाएगा। सेक्शन 19 एवं सेक्शन 143 में नियम 45 के अंतर्गत अंतर्गत आईटीसी 04 फार्म भरना होगा

जीएसटी एक्ट 2017 मे chapter 21के section 143 मे जॉबवर्क की पूरी प्रक्रिया explain किया हैं। यदि देखा जाय तो सेक्शन 19 को ही section 143 मे उतारा गया है। लेकिन हमे इस पर विचार करना है –

उपधारा 1 में एक रजिस्टर्ड पर्सन को Principal (प्रधान )माना गया है। CGST u/s 2(68) और IGST u/s 2(88) मे ।वह बिना टैक्स Goods/capital goods को जॉबवर्क के लिए भेज सकता है।

(a) जॉबवर्क में गुड्स ट्रांसफर date से 1साल में तथा capital goods 3साल में complete होना चाहिए अन्यथा उसे डीम्ड sale मानी जायेगी।

(b) यदि Goods/capital goods का एक्सपोर्ट होना है। और Goods/capital goods जॉबर्कर के पास हैं तो Principal को Additional place के रुप में रजिस्ट्रेक्शन में Add करना होगा।

उपबन्ध Goods/ capital goods का job work समय में complete नही होता है ।तो कमिश्नर की permission से goods के लिए 1वर्ष,capital goods के लिए 2वर्ष तक की सीमा बढ़ाई जा सकती हैं।

उपधारा (2) जॉबवर्क से संबंधी सभी अकाउंट्स को Principal maintain करेगा।

उपधारा (3) (4)में कहा गया है कि उपधारा (1)a मे नियत समय में Goods /capital goods वापस नहीं होता है ।तो deemed sale मानी जायेगी Goods/capital goods ट्रांसफर date से और सेक्शन 50 मे interest भी लगेगा। सेक्शन 125 में अर्थदंड भी लगाया जा सकता है।

उपधारा (5) जॉबवर्क के बाद शेष scrap, सांचे आदि की सेल Principal करेगा और यदि जॉब वर्कर रजिस्टर्ड है ।तो वह भी सेल कर सकता है।

सेक्शन 19और 143 एक registered person के लिए हैं जो अपने Goods/ capital goods का job work अपंजीकृत person से कराता है। इस लिए सभी दायित्व Principal पर हैं।

जॉबवर्क को CGST Act 2017 के सेक्शन 2(68) और IGST Act 2017 के सेक्शन 2(88) में परिभाषित किया है।

Principal person के लिए सुझाव

1. Goods/ capital goods U/R 55 delivery challan के द्वारा भेजे।

2. सेक्शन 138 के अनुसार प्रिंसिपल को e waybill जेनरेट करना चाहिए।

3. U/R 55 delivery challan 4 कॉपी में बनाना चाहिए। जिसमे एक कॉपी transport के लिए,2copy जॉबवर्कर के लिए, 1कॉपी ऑफिस कॉपी होगी।

4. यदि Goods/ capital good एक जॉबवर्कर से दूसरे जॉबवर्कर के पास जाना है तो नया delivery challan जेनरेट कराना चाहिए। या जॉबवर्कर ओरिजनल delivery challan को endorse कर सकता है। नोटिफिकेशन no 14/ date 23 March 2018 द्वारा।

5. जॉबवर्कर का कारोबार टैक्सेबल से कम है तो उसे registration की आवश्यकता नहीं होगी। सेक्शन 143 Principal के लिए बना है। Cbic सर्कुलर 38/12/2018 दिनाक 26/3/2018

6. सप्लायर द्वारा सीधा गुड्स जॉबवर्कर के यहां भेजे जाने पर भी Principal को डिलीवरी चालान जारी करना चाहिए।

7. Jobwork होने के पश्चात Goods/Capital Goods प्रिंसिपल को वापस करने पर GST देय होगा। और यदि जॉबवर्कर के स्थान से Goods/Capital Goods एक्सपोर्ट हो रहा हैं। तो GST नहीं लगेगा। Cbic सर्कुलर no. 88/07/2019 dated 1/2/2019

8. Scrip sale केवल Principal करेगा। यदि जॉबवर्कर दूसरे state में हैं। तो आईजीसीटी चार्ज होगा। स्क्रप purchase करने वाला प्रिंसिपल के state का हैं तो Sgst और Cgst चार्ज होगा।

*****

आशा है कि आप को इस आर्टिकल से काफी जानकारी प्राप्त होगी।लेकिन कुछ त्रुटी भी हो सकती हैं। कृपया त्रुटि को Act, Rules और सीबीआईसी द्वारा जारी नोटिफिकेशन, सर्कुलर से सत्यापन कर सकते हैं।

नोट लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं।

Author Bio

मेरा नाम संजय शर्मा हैं।मैं उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में इनडायरेक्ट टैक्सेस में वकालत करता हूं ।तथा मेरी शैक्षिक View Full Profile

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One Comment

  1. RAKSHIT says:

    Dear Sir,
    Bahut hi achhi file hain for job work but ye hindi main hain. download kerne ke bad ye hindi font dikhai nahin de rhe hain. Ap please mujhe apni Email-id de sakte hain ya mujhe mail ker dijiye.

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