Filing of Revise Return us 139 (5) – कई बार इनकम टैक्स रिटर्न को फाइल करते समय कुछ गलती हो जाती है, या कुछ Item Return में नहीं दिखाते, या कभी कोई Deduction क्लेम करना भूल जाते है, या कई बार कुछ Information Return फाइल करने के बाद Knowledge में आती है, तो ऐसी स्थित्ति में फाइल कर दी गयी इनकम टैक्स रिटर्न में भी Correction किया जा सकता है, जिसे रिटर्न को Revise (संशोधित ) करना कहते है।

“Income Tax Return को Revise इनकम टैक्स एक्ट के Section 139 (5 ) में किया जाता है ।”

आसान शब्दों में ओरिजिनल Return में कुछ Addition या कुछ Changes करने के लिए हम इनकम टैक्स रिटर्न को Revise कर सकते है ।

 जमा करवा दी गयी रिटर्न में बदलाव कौन कर सकता है ? –

इनकम टैक्स रिटर्न को कोई भी पर्सन revise कर सकता है। यानि कि कोई भी Person जिसने रिटर्न फाइल करने की Due Date से पहले या Due Date के बाद अपनी income tax Return फाइल की हो, तो ऐसा पर्सन अपनी Return को Revise कर सकता है।

Assessment Year 2018-19 से ऐसी Return जो Due Date के बाद फाइल की गयी है, को भी Revise करने की छूट दी गयी है । इसका मतलब यह हुआ कि अब कोई भी Return revise की जा सकती है, चाहे वह टाइम पर फाइल हो या नहीं हो।

एक बार जब Revise Return फाइल कर दी जाती है, तो यह ओरिजिनल Return का स्थान ले लेती है और ये उस Date को फाइल की हुई मानी जाती है, जिस Date को ओरिजिनल Return फाइल की गयी थी । यानि कि अब आपकी पुरानी रिटर्न मान्य नहीं होगी।

Revise Return फाइल करने के बाद आपका कर -निर्धारण Revise Return के आधार पर किया जाता है न कि पहले फाइल की गयी original return के आधार पर।

Revise रिटर्न को फाइल करने की समय –सीमा

कोई पर्सन जिसने Due Date तक अपनी Return फाइल की हो या Due Date के बाद अपनी Return फाइल की हो, जो भी केस हो, अपनी Return सम्बंधित Assessment Year के समाप्त होने तक या Assessment (सेक्शन 143 (3 ) या 144 ) के समाप्त होने से पहले, जो भी दोनों में पहले हो अपनी ओरिजिनल रिटर्न को Revise कर सकता है ।

उदाहरण के लिए – यदि कोई पर्सन Assessment Year 2018-19 की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करता है, तो वह 31 मार्च 2019 या Assessment के समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो Return को Revise कर सकता है।

एक रिटर्न को कितनी बार Revise किया जा सकता है ?

एक बार फाइल की गयी Income Tax Return को कितनी भी बार Revise किया जा सकता है ।

यहाँ तक की एक Revise Return को भी Revise किया जा सकता है यदि समय सीमा समाप्त नहीं हुई है । लेकिन Return को Revise करने से Return के Scrutiny में आने के chances बढ़ जाते है और यह विशेषकर तब होता है, जब Revise Return एक बड़ी राशि के रिफंड को Generate कर रही हो |

इसलिये Return को Revise तभी करे जब आपके पास इसका एक Valid कारण हो ।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट भी Revise Return तभी Allow करता है, जब आपसे कोई गलती अनजाने में हुई हो । Return को Revise करने का फायदा ऐसे पर्सन को प्राप्त नहीं होगा जिसने गलत Return फाइल की हो और वह जानता है की यह गलत है ।

कई बार करदाता ओरिजिनल Return में कम इनकम Show करते है और Revise Return में अधिक इनकम Show करते है, तो अगर ऐसी अधिक इनकम को ओरिजिनल Return में शामिल नहीं करने का बोनाफाइड कारण था, तो पेनल्टी नहीं लगेगी अन्यथा पेनल्टी लग सकती है ।

Examples: Filing of Revise Return us 139 (5)

1. श्रीमान करण शर्मा एक Individual है और Assessment Year 2018-19 में उनकी इनकम 3 लाख है ,तो उनके लिए Return फाइल करना Mandatory है एवं उनकी Return फाइल करने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2018 होगी । उन्होंने अपनी Return 10 जुलाई 2018 को फाइल करी और Return में कुछ Deductions क्लेम करना भूल जाते है,लेकिन कुछ समय बाद उन्हें इस बारे में पता चलता है और अब वह अपनी Original Return में कुछ बदलाव करना चाहते है । तो ऐसी Situation में वह अपनी Return को 31 मार्च 2019 या Assessment समाप्त होने से पहले, जो भी पहले हो, Revise कर सकते है।

2. योगा सेंटर एक चैरिटेबल ट्र्स्ट है और Assessment Year 2018-19 की Return 30 मई 2018 को फाइल करते है और 15 जुलाई 2018 को अपनी ओरिजिनल Return को Revise करते है । कुछ समय बाद योगा सेंटर अपनी Revise Return को फिर से Revise करना चाहते है, तो ऐसी Situation में वे अपनी Revise Return को फिर से Revise कर सकते है, यदि Return को Revise करने की समय सीमा समाप्त नहीं हुई है ।

3. श्रीमान जगदीश ने Assessment Year 2018-19 की Return 15 जुलाई 2018 को फाइल की लेकिन इसमें कुछ Deduction क्लेम करना भूल गए । बाद में उन्होंने इनकम टैक्स डिपार्टमेन्ट को एक लेटर भेजा जिसमे उन्होंने बताया की वो गलती से Deduction क्लेम करना भूल गए है तो वह Deduction उन्हें Allow की जाये । लेकिन Assessing Officer(A.O.) ने उस Deduction को Allow नहीं किया। क्योकि A.O. को लेटर भेजना Return को Revise करना नहीं माना जाता है और A.O. के पास ऐसी कोई Power नहीं होती की वो किसी क्लेम को Revise Return फाइल किये बिना Allow कर सके।

श्रीमान कमलेश ने Assessment Year 2018-19 की Return 15 मई 2018 को फाइल की, जिसमे उन्होंने रिफंड क्लेम किया और उनकी Return सेक्शन 143 (1 ) में प्रोसेस होने के बाद जुलाई में रिफंड मिल जाता है। लेकिन श्रीमान कमलेश को बाद में पता चलता है कि उन्होंने कुछ इनकम ओरिजिनल Return में Show नहीं करी जिससे उनकी टैक्स Liability बन रही है और अब वह अपनी Return को Revise करना चाहते है । ऐसी Situation में वे अपनी Return को Revise कर सकते है, क्योकि 143 (1 ) में Return को प्रोसेस किया जाना असेसमेंट का समाप्त होना नहीं माना जाता है।

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One Comment

  1. Vaibhav says:

    Jitendra ji,
    If my return has been assessed u/s 143(1) and refund has been issued,then acccording to me that return can’t be revised because 143(1) section is also a preliminary assessment by income tax department.
    I would like to know your view on same.

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