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Goods and Services Tax

जीएसटी ने बड़ा दुःख दीन्हा!

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माननीय प्रधान सेवक मोदी जी,
हमारे वित्तमंत्री जेटली जी,
राजस्व सचिव अधिया जी,

मान्यवर,

हमारे देश में 1 जुलाई  2017 से बाजे गाजे के साथ GST लगाया गया! लम्बे चौड़े भाषण दिए गए थे कि- एक देश, एक कर! व्यापारी को अब बड़ी आसानी हो जाएगी! पड़ोस के बच्चे से भी अपना रिटर्न भरवा सकोगे !

और क्या बोला था कि रिटर्न तो आपको बस एक ही भरनी होगी ! बाकी रिटर्न अपने आप भर जाया करेंगे।चुटकियो का खेल है रिटर्न भरना, इत्यादि ! सब बातें अब फेल हो गयी ! सबसे पहले तो पड़ोस के बच्चे से रिटर्न का एक कॉलम तो भरवाकर दिखाओ !

टैक्स प्रोफेशनल को भी इसे भली भांति भरने में मुश्किल आ रही है। बिना सही तकनीकी और कानूनी ज्ञान के ये बिलकुल असंभव सा है ! ऊपर से GST की वेबसाइट कभी भी ढंग से चलती ही नहीं है !

शायद अधिया जी को भी इस के बारे में सही पता ही नहीं है कि कौन सा GST फॉर्म कब और कितना समय लगाकर भी सही ढंग से सरकारी वेबसाइट पर भरा पायेगा भी या नहीं? वो दिनभर में सही तरीके से हमारी एक फर्म का gstr1 रिटर्न भर कर दिखाये तो हम जाने।

उधर हेल्प डेस्क या कस्टमर केयर वाले तो कष्ट से ही मार डालेंगे ! उनसे कुछ पूछो तो उन्हें भी कुछ भी सही से नहीं पता ! GST का ट्वीटर तो और कन्फ्यूज कर रहा है। सरकार खुद लिख रही है कि सरकारी ट्वीटर हैंडल पर दिए गए जबाबों की कोई मान्यता नही है। तो भाई या तो जबाब देना बंद करो या उसकी बात को मान्यता दिलाओ। अब भला सीए, प्रोफेशनल, व्यापारी और वो पड़ोस का बच्चा बेचारा किससे कुछ पूछे?

और ये सरकार द्वारा बार-बार GST रिटर्न की तारीखों को आगे बढ़ाने से क्या फायदा? जो मुसीबत जुलाई की रिटर्न को भरने पर सितम्बर में आनी थी, वो अक्टूबर में भी आएगी ही ! जेटली जी, आप पहले तो अपना सर्वर दुरुस्त करवाने पर पूरा ध्यान लगाइये, उसके बाद ही कोई पेनाल्टी की बात करियेगा।

सीए और टैक्स प्रोफेशनल का अधिकतर समय अभी सर्वर से जूझने में ही बर्बाद हो रहा है। उसका रिश्तेदार और परिवार से रिश्ता नाता अलग टूट रहा है ! क्या यही आपका सरलीकरण है?

GST की  वेबसाइट पर “पल्ले नहीं धेला, करदी है मेला मेला” वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। विभाग का सर्वर तो एक साथ बस कुछ हज़ार कंप्यूटर का भार ही झेल पाता है, पर अब एक साथ कई लाख कंप्यूटर करदाताओं के रिटर्न भरने का प्रयास करते है तो वेबसाइट ही क्रैश हो जाती है !

अभी तो यह GST की शुरुआत मात्र है और रोज नई दिक्कत सामने आ रही है। अभी भी समय है कि सरकार गैर-कम्पनी वर्ग और 10 करोड़ रु. वार्षिक बिक्री तक के व्यापारियों पर “एक महीने में तीन की जगह तीन महीने में एक रिटर्न” का प्रावधान कर दे, नहीं तो बाद में समस्या और बढ़ जायेगी। साथ ही इस वर्ष GST सिस्टम की अक्षमता के कारण पेनाल्टी भी खत्म कर दे अन्यथा करदाताओं को रोज उत्पीड़न, शोषण और भृष्टाचार भी अलग से झेलना पड़ेगा !

सरकार मेरे, आप टैक्स भले ही हर महीने फॉर्म 3बी के तहत जमा करवा लो, पर त्रैमासिक  विवरणी का प्रावधान लागू करवा दो। इसी में गैर-कम्पनी वर्ग के अधिसंख्य व्यापारी बन्धुओं का कल्याण और देश का उत्थान है।

क्या देश पहले नहीं चल रहा था। छोटे व्यापारियों के वैट में तीन महीने में एक रिटर्न देने पर? कुछ मुट्ठी भर गलत व्यक्तियों की गलती की सजा सभी को क्यों?

अफ़सोस की बात है या फ़िर आदत की, व्यापारी वर्ग अभी भी सोये हुए है। वो परेशान तो हैं. मगर चुप हैं। GST नियमों के अनुपालन में बहुत अधिक धन व्यय कर के आम व्यापारी हैरान है और हर हफ्ते किसी न किसी रिटर्न की तैयारी में वो परेशान भी है।

व्यापारियों के संगठनों और व्यापारी नेताओं के संगठित होने का अब समय आ गया है। जिससे कि GST की प्रक्रिया और नियमों में उपयुक्त सुधार करके इसको वास्तव में सरल और अच्छा बनाया जा सके।

साथ ही एक महीने में तीन की जगह दो से तीन महीने में एक रिटर्न की व्यवस्था शीघ्र लागू करवा देनी चाहिए, जिससे व्यापारियों और उनके सीए को जटिल प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल सके और उनका समय काम धंधे की बढ़ोतरी में लगे जिससे देश के आर्थिक विकास को और गति मिले।

गोरखपुर से आपका सीए मित्र
दिलीप खेतान

With inputs from Adv. Abhishek Kalra Sri Ganganagar

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8 Comments
  1. I am practising the VAT/I.TAX/SERVICE TAX since 40years. before GST I was so healthy and fit to attend my office for 7 hours. GST has given me a depression. And started the problem of sugar. This is the gift of GST. This is the problem most of all the practitioner of GST. Now, all of a sudden, doctors has got the new income.

  2. yes sir,

    why not pray for delete,
    1) URD, RCM
    2)TAX ON ADVANCES
    3) WHY NOT TO OPT ONE TAX
    4) TO DELETE HSN SUMERY, QTY DETAILS
    5)TO OPT ONE SINGLE RETURN

  3. I Agree with this problem. Bhagwan finance Minister ko sadhbudhi de ki vo vayapario tax professional ki problem ko samjhe.

  4. Small traders will be forced to close business due to compliance cost ,procedural hassles leaving more people unemployed. If mistakes are committed, CORRUPT government official will also squeeze him.

  5. Bhaut hi badiya khetan ji
    aap ne sahi samzane ki kosish ki hai….
    ek aam aadmi ki paresahni ko sahi rup me Utara hai…………….
    Govt ko Ek baar sochna hi hoga……..

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