सीए-चार्टर्ड अकाउंटेंट एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही सबसे पहले हमारे दिमाग मे खाता–बही, हिसाब एवं कर की बात आती है। अमूमन लोग सीए को किसी चिकित्सक से कम नहीं समझते है। चिकित्सक आपकी सेहत का इलाज़ करता है तो सीए आपकी फाइनेंसियल हेल्थ का इलाज़ करता है। एक जीवन रक्षक है तो दूसरा जीवन जीने हेतु वित्तय नियमों का पालन करना सीखाता है। एक कर एवं वित्तय विशेषज्ञ है तो दूसरा औषधियों का विशेषज्ञ है। दोनों ही पारंगत और पेशेवर तरीके से आपने कार्य को अंजाम देते है तथा दोनों की अपनी महत्वता है। हालां की सीए की परीक्षा पास करना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है लेकिन फिर भी हर वर्ष लाखों विद्यार्थी इसमे हाथ आजमाते है और अपनी कठिन मेहनत और काबिलियत के दम पर सीए बनते है।

हमारे देश मे पिछले कुछ वर्षों मे सीए प्रोफेशन की मांग बढ़ती चली गई है। इसके मुख्य दो कारण हो सकते है – एक तो सरकार कर एवं अन्य मामलों मे कम हस्तक्षेप करना चाहती है और ज्यादा तबज्जु सेल्फ मैकेनिज्म (SELF MECHANISM ) पर देना चाहती है जिससे हर किसी को प्रोफेशनल की मदद लेने पड़ती है। दूसरी इस प्रोफेशन की तरफ युवाओं का झुकाव और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सीए को मान्यता भी इसकी मांग कहीं न कहीं बढ़ा रहा है। हमारे देश के मिसाइल मैन एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा था कि चार्टर्ड एकाउंटेंट्स राष्ट्र निर्माण में भागीदार हैं।

प्रसिद्ध व्यवसाय उद्यमी रतन टाटा का एक बयान मुझे याद है की “मुझे अपना व्यवसाय चलाने के लिए एमबीए की आवश्यकता है, लेकिन चार्टर्ड एकाउंटेंट्स उन्हें यह सिखाने के लिए चाहिए कि व्यवसाय कैसे चलाना है।”

हाल ही मे हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी ने अपने मन की बात कार्यक्रम मे कहा कि अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट्स बहुत अच्छी और सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं |

आइये जानने की कोशिश करते है की एक सीए समाज एवं देश को क्या- क्या सेवाएं देता है और किस प्रकार देश की उन्नति, तर्रकी एवं विकास मे भागीदार बनता है?

1. एकाउंटिंग एवं ऑडिटिंग सर्विसेज

यह एक बहुत महत्वपूर्ण एवं जरुरी सेवा है जिसे चार्टर्ड अकाउंटेंट देता है। ऑडिट करवाने की जिम्मेदारी सिर्फ व्यापारियों और कर अनुपालना के लिए आवश्यक नहीं है बल्कि सीए सभी सरकारी ऑडिट जैसे सर्विस टैक्स ऑडिट, सीएजी ऑडिट, फोरेंसिक ऑडिट और इनकम टैक्स ऑडिट बेहद सावधानी से करता है। इस कार्य का मुख्य उद्देस्य राजस्व रिसाव ( REVENUE LEAKAGE) को रोकना है तथा उचित कर या राजस्व सरकार के खजाने मे लाना है। कई बार सरकारी एवं गैर -सरकारी संस्थानों मे एकाउंटिंग पालिसी,एकाउंटिंग मैकेनिज्म इत्यादि भी सीए बनता है।

2. कर संग्रह एवं राजस्व बढ़ोतरी

आज हमारे देश मे कर अनुपालना की बात जब भी आती है तब सीए का जिक्र बड़े ही गर्व सी किया जाता है। चाहे आयकर हो, चाहे जीसटी हो , चाहे एक्साइज हो, चाहे कस्टम ड्यूटी हो, चाहे इम्पोर्ट -एक्सपोर्ट हो, चाहे अंतर्राष्ट्रीय कर मामले हो, चाहे राज्य सरकारों द्वारा संचालित कर प्रणाली हो। चार्टर्ड अकाउंटेंट समय पर रिटर्न दाखिल कर राष्ट्रीय एवं राज्य कर खजाने को भरने मे सरकार की मदद करता है।

3. व्यापार सलाहकार भूमिका

अगर हमारे देश के व्यापारी बंधुओं की बात करूँ तो सीए उनके लिए किसी मसीहा से कम नहीं है। व्यापारी द्वारा व्यापार के पंजीकरण से लेकर व्यापारी की मृत्यु तक उस व्यापार को लीगल वारिस तक हस्तांतरित करने हेतु चार्टर्ड अकाउंटेंट एक मजबूत ढाल के तरह सहारा देता है। सीऐ न सिर्फ सही एवं उचित सलाह देता है बल्कि व्यापारी के हर महत्वपूर्ण फैसले मे भी भागीदार रहता है। सीए एक विस्वास का पात्र माना जाता है। आजकल तो क्लाइंट्स अपने बेटे-बेटी के विवाह से लेकर पारिवारिक समझौतों एवं वसीयत बनाने तक मे सीऐ की भूमिका को ख़ास महत्व देते है। किसी को फैक्ट्री लगानी हो , किसी को लोन लेना हो , किसी को अपने बही- खतों का सत्यापन करवाना हो , किसी को कर सलाह लेनी हो, किसी को ऑडिट करवानी हो सभी जगह सीए की जरुरत पड़ती है। यहाँ तक की सरकार के समक्ष किसी भी प्रकार की मांग रखने हेतु भी सीए को ही चुना जाता है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट का मार्गदर्शन व्यवसाय के कुशल संचालन में मदद करता है। वे कंपनी कानून के मामलों, कराधान से संबंधित मामलों से संबंधित हैं, लागू वित्तीय रिपोर्टिंग ढांचे के अनुसार खातों और अन्य दस्तावेजों को तैयार करने और बनाए रखने में मदद करते हैं।

4. राष्ट्र निर्माण मे भूमिका

अगला महत्वपूर्ण क्षेत्र जिसमें चार्टर्ड एकाउंटेंट की भूमिका राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण है, वह है भ्रष्टाचार को रोकना, खराबी, विंडो ड्रेसिंग, कंपनियों में धोखाधड़ी का पता लगाना आदि। भ्रष्टाचार के अंत के बाद ही एक राष्ट्र का विकास होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट नियमों और विनियमों का पालन करके और गलत प्रथाओं और इसके दंडात्मक परिणामों के बारे में लोगों में जागरूकता पैदा करके भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करते हैं। एक कंपनी में, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को वित्तीय विवरणों के सही और निष्पक्ष दृष्टिकोण पर अपनी राय व्यक्त करने की आवश्यकता होती है। एक लेखा परीक्षक प्रबंधन या कर्मचारियों द्वारा की गई गलत प्रथाओं के बारे में खोज करने का प्रयास करता है और इस पर अपनी राय व्यक्त करना उसका कर्तव्य है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के आदेशों के अनुसार, चार्टर्ड अकाउंटेंट भी एक सरकारी कंपनी के वित्तीय विवरणों पर अपनी राय व्यक्त करते हैं। लेखापरीक्षक की राय से निवेशकों का विश्वास बढ़ता है साथ ही यह किसी भी खराबी को रोकने में मदद करता है।

एक चार्टर्ड एकाउंटेंट राष्ट्र के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। वित्तीय समस्या को हल करने के लिए चार्टर्ड एकाउंटेंट का दृष्टिकोण वित्त कराधान, शेयर बाजार, और कंपनी कानून मामलों, विदेशी मुद्रा, आदि के क्षेत्र में उनके ज्ञान और विशेषज्ञता के कारण दूसरों से अलग है। इसीलिए तो चार्टर्ड अकाउंटेंट राष्ट्र निर्माण में भागीदार होते हैं।

वैसे तो सभी चार्टर्ड अकाउंटेंट पारंगत और निपूर्ण होते है क्यों की उनको कठिन पढाई करने के साथ- साथ तीन वर्ष की कठिन ट्रेनिंग (ARTICLE-SHIP) भी करनी पड़ती है जो उन्हें और अधिक तजुर्बा और मजबूती प्रदान करती है। लेकिन फिर भी कई बार यह निर्णय लेने मे कठिनाई आती है की उत्तम मे से भी अति उत्तम कैसे चुने ? अन्य शब्दों मे आप किसी को अपना चार्टर्ड एकाउंटेंट चुनते वक़्त किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखे? आइये जानने की कोशिस करते है –

1. समर्पण

आपको सबसे पहले यह देखना है की जिस व्यक्ति को आप अपने वित्तीय मामलों की बागडोर संभालने जा रहे है वह अपने कार्य के प्रति कितना समर्पित है ? समर्पण एक बेहद जी जरुरी और बेसिक गुण है।जो व्यक्ति आपके कार्य का समर्पण भाव से निष्पादन नहीं कर सकता वह लम्बे समय तक आपको सेवाएं देने योग्य नहीं है।

2. खुद की भागेदारी

अधिकतर जगह यह देखा गया है की सीए अपने CLIENTS को समय देने की बजाय अपनी टीम को को शामिल करता है। इसके लाभ और हानि दोनों ही है। लाभ यह है की छोटे मोटे मामलों मे उलझने की बजाय जहाँ वास्तव मे सीए की जरुरत पड़ती है सिर्फ उन मामलों मे सीए अपना समय देवे। हानि यह है की कई बार थोड़े कम पारंगत सीए के कर्मचारी या तो ठीक से सलाह नहीं दे पाते या गलत सलाह दे देते है जिससे कहीं न कहीं क्लाइंट्स का नुक्सान हो जाता है। तो हमे इस बात को दिमाग में रखना है की ऐसा व्यक्ति लेवे जो की आपके लिए जरुरत पड़ने पर उपलब्ध रहे।

3. समय पाबंदता

समय की पाबन्दी हर क्षेत्र मे जरुरी है। सीए का पेशा भी इसका अपवाद नहीं है। बल्कि सही मायने मे देखा जाये तो इस पेशे मे समय पाबंदता का और अधिक पालन करना पड़ता है। आजकल सारा काम नियत तारीख तक ही निपटना पड़ता है तो ऐसे मे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को चुन ले जो की समय का लिहाज ही नहीं करता तो आपको हर्जाना भुगतना पड़ सकता है।

4. अपने पेशे के ज्ञान की गहराई

सीए का पेशा एक ऐसा पेशा है जहाँ पर आपको निरंतर पढ़ना पड़ेगा क्यों की हर क्षेत्र मे इतने ज्यादा बदलाव होते है की आप अगर नहीं पढ़ेंगे तो आप इस पेशे से लगभग बहार हो जाएंगे। सिर्फ परीक्षा पास करना ही काफी नहीं है। तो इस बात का विशेष धयान रखे की जो व्यक्ति आपकी कमान संभलेगा उसको किस गहराई तक अपने पेशे का ज्ञान और जानकारी है और उसकी अपने क्षेत्र मे पकड़ कितनी मजबूत है। अपना सीऐ ऐसे आदमी को चुने जिसने की अपने क्षेत्र में महारथ हासिल कर रखी है।

5. क्षमता, ब्रांडिंग एवं साख वाला व्यक्ति –

किसी भी पेशे मे ऐसा व्यक्ति चाहिए जिसमे कार्य निष्पादन की क्षमता हो, उसकी उस पेशे मे साख और गुडविल हो और उसकी फर्म का नाम न सिर्फ बाजार मे बल्कि विभागों मे भी सम्मान से लिया जाता हो। ऐसे व्यक्ति अमूमन वसूलों के पक्के, सच्चे, ईमानदार और अपने पेशे के प्रति सजग रहते है। इसके लिए हो सकता है आपको थोड़ी फीस ज्यादा भी देनी पड़ जाये लेकिन लम्बे समय मे आपको इसका फायदा जरूर मिलेगा।

6. तजुर्बा

तजुर्बा एक ऐसी चीज है जिसे आप एक दिन मे हासिल नहीं कर सकते है। एक तजुर्बे वाले व्यक्ति में और एक कम तजुर्बे वाले व्यक्ति में फर्क अवश्य ही रहेगा। साथ ही यह भी एक कटु सत्य है की युवा पीढ़ी ज्यादा ऊर्जावान होने के साथ साथ टेक्नोलॉजी का भी बेहद तरीके से उपयोग करना जानती है। तो एक ऎसा समाबेश होना जरुरी है जहाँ तजुर्बे के साथ फुर्ती, स्पूर्ति एवं तकनिकी का भी इस्तेमाल हो। तो इस बात का भी ध्यान रहे की आपका चार्टर्ड अकाउंटेंट एक सुलझा हुआ एवं तजुर्बेकार व्यक्ति हो।

निष्कर्ष

उपरोक्त आलेख से एक बात बिल्कुल साफ़ है की कोई भी पेशा हो सबकी अपनी अहमियत है तथा कोई भी पेशेवर व्यक्ति किसी से भी कम या ज्यादा नहीं है। सब अपने -अपने क्षेत्र में निपूर्ण है तथा सबके कार्य को नापने का पैमाना अलग है। सीए के पेशे मे व्यक्ति को client की हर मदद करनी पड़ती है तथा उसका दोस्त, सलहाकार और मार्गदर्शक बनकर साथ निभाना पड़ता है। यह आपसी सम्बन्ध और विस्वास का रिश्ता है।

नोट:

लेखक पेशे से एक चार्टर्ड अकाउंटेड है तथा ऊपर दी गई जानकारी लेखक के निजी अनुभव के आधार पर तैयार की गई है जिसका किसी व्यक्ति, पेशे और व्यापर से कोई सम्बन्ध नहीं है।

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2 Comments

  1. Mohd Jabir says:

    Sir mere 3 account hai mere he naam se hai sab mein (pan card ek he hai

    Jo current account hai saare
    Jisme se sirf 1 firm ke naam hai
    Baaki 2 individual hai

    Aur wo bhi alag alag bank Mai hai

    Aur teeno account ka 1cr complete hai

    Sir aur abhi Mera TDS nahi Kat Raha hai 3 account par

    1 carore 1 carore sab Mai se nikalne par
    Jaise 3 account alag alag bank Mai hai
    Sab Mai 1cr karwa diya Gaya hai
    3 account se total 3 carore nikal aata hai

    Sir Kya mujhe 1 carore ke baad Mai Jo 2 aur alag alag bank se 2 carore nikala hai
    Kya uspe itr file time TDS Dena padega

  2. Anil Kumar Agarwala says:

    Great article on the noble profession Manoj जी.. Puts the average practising professional in proper light and in the right perspective.

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