न्यायालयों ने स्पष्ट किया कि विक्रय प्रमाण पत्र केवल साक्ष्य होता है और स्वामित्व हस्तांतरण का माध्यम नहीं। स्टाम्प ड्यूटी केवल तब लागू होती है जब इसे किसी अन्य कानूनी उद्देश्य के लिए उपयोग किया जाए। यह निर्णय प्रशासनिक भ्रम को दूर करता है।