महत्वपूर्ण जानकारी : अध्याय XIX – अपराध और दंड ( Chapter XIX – Offences and Penalties)
धारा 129. अभिवहन में माल और वाहनों का निरूद्धीकरण, अभिग्रहण और निर्मुक्ति( Detention, Seizure of Goods and Conveyance in Transit)
Summary: जीएसटी अधिनियम की धारा 129 और 130 माल और वाहनों के पारगमन के दौरान निरूद्धीकरण, जब्ती और जुर्माने से संबंधित है। यदि जीएसटी अधिकारी परिवहन के दौरान बिना उचित दस्तावेज़, जैसे कि ई-वे बिल, या कम मूल्य के चालान के साथ माल पकड़ता है, तो वे माल और वाहन दोनों को जब्त कर सकते हैं। धारा 129 के तहत, यदि माल का मालिक अपनी गलती स्वीकार करता है, तो उसे देय कर का 200% जुर्माना देना होगा यदि माल कर योग्य है। कर-मुक्त माल के लिए, जुर्माना माल के मूल्य का 2% या ₹25,000 (CGST/SGST के लिए) या 4% या ₹50,000 (IGST के लिए) में से जो भी कम हो, होता है। यदि मालिक सामने नहीं आता है, तो कर योग्य माल के लिए जुर्माना माल के मूल्य का 50% या देय कर का 200% में से जो अधिक हो, होता है। कर-मुक्त माल के लिए, यह माल के मूल्य का 5% या ₹25,000 (CGST/SGST के लिए) या 10% या ₹50,000 (IGST के लिए) में से जो भी कम हो, होता है। यदि ट्रांसपोर्टर अपने वाहन को छुड़वाना चाहता है, तो उसे धारा 129(1)(a) या (b) के तहत निर्धारित जुर्माने की राशि या ₹1,00,000 (CGST) / ₹2,00,000 (IGST) में से जो भी कम हो, का भुगतान करना होगा। जब्ती की तारीख से सात दिनों के भीतर एक कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है, और जुर्माने का भुगतान करने के लिए 15 दिनों का समय होता है, जिसके बाद माल की नीलामी की जा सकती है। धारा 130 तब लागू होती है जब माल या वाहन को जब्त कर लिया जाता है, खासकर कर चोरी या बिना चालान के माल की आपूर्ति/प्राप्ति के मामलों में। यहां “रेडेम्पशन फाइन” लगाया जाता है, जो माल के बाजार मूल्य से देय कर घटाकर होता है, और वाहन के लिए यह माल पर देय कर के बराबर होता है। हालाँकि, कुछ छोटी-मोटी त्रुटियों, जैसे कि वर्तनी की गलतियाँ या पिन कोड की गलतियाँ, पर धारा 129 के तहत जुर्माना नहीं लगाया जाता है, जैसा कि सर्कुलर संख्या 64/38/2018/GST/14.09.2018 में स्पष्ट किया गया है।
SECTION 129 OF GST:-
जब Goods एक जगह से दूसरी जगह पर भेजा जा रहा है, Goods का Supply किया जा रहा है और Goods रास्ते में ही है अगर GST Officer आपके Truck को रोक लेता है Check करता है और Truck के साथ कोई Documents या E-Way Bill नहीं है या Undervalue का Invoice है।
फिर आपके Goods को Truck के साथ और उससे Related Documents को GST Officer अपने कब्जे में ले लेता है | आपको अपने Goods को छुडवाने के लिए Penalty देना होगा |
(Section 129(1) Penalty)
(A) यदि Goods का Owner GST officer के पास आता है और अपनी गलती को Accept करता है और Penalty भरने के लिए तैयार है |
यदि कर योग्य माल (For Taxable Goods)-
Example-
Taxable Amount 10,00,000 GST 18% (CGST=90,000 + SGST=90,000)
Penalty equal to 200% of Tax Payable
CGST-90,000*200% = 1,80,000
SGST 1,80,000
Penalty Amount. = 3,60,000
यदि माल कर मुक्त (For Exempted Goods)-
Example-
Value of Goods- 5,00,000
2% (CGST) of Value of Goods Or 25,000/-
इसमे से जो कम होगा
5,00,000*2% = 10,000 oг 25,000
Penalty Amount. CGST =10,000
Penalty Amount. SGST=10,000
Total Penalty Amount. =20,000
4% (IGST) of Value of Goods or 50,000
इसमे से जो कम होगा
5,00,000*4% = 20,000 or 50,000
Penalty Amount. IGST = 20,000
(B) यदि Goods का Owner नहीं आता है
यदि माल कर योग्य (For Taxable Goods)
Taxable Amount. 10,00,000 (GST18% =1,80,000)
Penalty equal to 50% (CGST) Value of Goods
Or
200% of the tax payable
इसमे से जो ज्यादा होगा
10,00,000*50%= 5,00,000
Or
1,80,000*200%= 3,60,000
Penalty CGST= 5,00,000
Penalty SGST= 5,00,000
Total Penalty =10,00,000
यदि माल कर मुक्त (For Exempted Goods)
Value of Goods- 5,00,000
5% (CGST) of Value of Goods Or 25,000/-
इसमे से जो कम होगा
10% (IGST) of Value of Goods
Or 50,000/-
इसमे से जो कम होगा
5,00,000*5% = 25,000
Or 25,000
Penalty Amount. CGST =25,000
Penalty Amount. SGST =25,000
Total Penalty Amount. =50,000
IGST 5,00,000*10% = 50,000
Or 50,000
Penalty Amount. IGST = 50,000
Or 25,000/-इसमे से जो कम होगा
Or 25,000 Penalty Amount. CGST =25,000 Penalty Amount. SGST =25,000
Total Penalty Amount. =50,000
10% (IGST) of Value of Goods Or 50,000/-इसमे से जो कम होगा
5,00,000*10% = 50,000 Or 50,000 Penalty Amount IGST = 50,000
(C) यदि Transport Co. वाला अपनी Truck को Release करवाना चाहता है फिर Transporter को कितनी Penalty का Payment करना होगा ?
Sec. 129(1) (a) (b) में जितना Penalty बनता है उतना Amount. or 1,00,000[CGST], 2,00,000 [IGST] इसमे से जो कम होगा |
Note:- जो Penalty बनता है अगर उसके सामने आप Security भी दे देते हो। फिर आपके Goods को Released कर दिया जायेगा |
प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण बिंदु (Procedure & Others Important Point)-
1. यह कि जिस Date को आपके Goods को Detention or Seizure उस Date से 7 Days के अन्दर Proper Officer आपको SCN Issue करेगा |
2. यह कि SCN Issue के 7 Days के अन्दर Order Pass कर देना होगा Penalty Payment के लिए |
3. यह कि आप को सुनवाई के लिए मौका दिया जायेगा |
4. यह कि अगर आपने Payment कर दिया फिर सभी Proceedings रोक दी जाएगी | आपके Goods को Released कर दिया जायेगा |
5. यह कि Order Received होने के Date से 15 Days के अन्दर आपको Penalty का Payment कर देना है।अगर आपने 15 Days के Payment नहीं किया तो आपके Goods को Auction में डाला जा सकता है।Gst Department आपके Goods को Sale करके अपना Recovery कर लेगा |
अगर आपके पास Invoice & E-Way Bill, Document पूरा था, लेकिन उसमे कोई छोटी गलती हो गयी हो फिर Sec. 129 की Penalty नहीं लगायी जाएगी |
(सर्कुलर संख्या 64/38/2018/GST/14.09.2018 के अंतर्गत)-
यदि Consignor or Consignee के Name में Spelling की गलती है, लेकिन GSTIN सही है ।
या
यदि Pin Code में गलती हो गयी हो, लेकिन Consignor का Address सही था, जिसकी वजह से E-Way Bill की Validity पर कोई फर्क नहीं पड़ता हो ।
या
यदि Consignee के Address में गलती हो गयी थी, लेकिन Locality और Other Details सही था ।
या
यदि 1-2 Digit में गलती हो गयी हो Document Number में जिसको E-Way Bill में Mention किया गया था ।
या
यदि HSN Code (4- or 6-digit level) में गलती हो गयी हो, लेकिन पहले के 2 Digit सही थे और Tax Rate सही था ।
धारा 130. माल या वाहन की जब्ती और जुर्माना लगाना ( Confiscation of goods or conveyances and levy of penalty)-
GST SECTION 130-
GST का Section 130 कब और क्यों Apply किया जाता है?
GST Penalty u/s 129 & 130 में क्या अंतर होता है?
GST Section 130 में Penalty नहीं लगायी जाती है, यहाँ पर Redemption Fine लगाया जाता है ।
GST Section- 130 कब और क्यों?
Goods or Vehicles को GST Department ने Confiscation (जब्त) कर लिया है।
आपके Goods or Vehicles को Officer ने पकड़ा और Seiz कर लिया, आपके ऊपर Penalty लगा दिया आपको SCN भेज दिया अब आप अपने Goods को Release करवाने के लिए u/s 129 की Penalty भर दोगे आपका Goods Release हो जायेगा |
लेकिन आप Penalty का Payment नहीं करते हो, आप अपने Goods को Release नहीं करवाते हो |
फिरGST Department आपके Goods को जब्त कर लेगा, Confiscation में ले लेता है, अब वह पूरा Goods GST Department का होगा | औरGST Department उस Goods को Sale करके अपने Tax की Recovery करेगा |
यह कोई जरूरी नहीं है की आपका Goods in Transit में हो तभी जब्त किया जायेगा, अगर आपके Godown में Goods रखा है आपने Tax की चोरी की है, बिना Invoice के आपने Goods Purchase किया है, फिर वही से आपके माल को जब्त कर लिया जायेगा।
अगर आप जब्त हुए Goods को वापिस लेना चाहते हो फिर आपको Penalty देनी होगी जिसको हम Redemption Fine देना होगा जिसको हम Redemption Fine in Lieu of Confiscation कहते है ।
Section 130 of GST:-
Mr. X Goods Sales to Mr. Y Without Invoice
यहाँ पर Seller Mr. X (u/s 122 ) और Buyers Mr. Y (u/s 123) दोनों पर Penalty लगेगी ।
और उस Goods को भी जब्त कर लिया जायेगा Godown से ही |
अब Mr. Y Goods को जब्त होने से बचने की लिए Redemption Fine Pay करेंगे
Sec.130(1): Specified Contravention if any Person-
1. supplies or receives any goods in contravention of the act; or
2. does not account for any goods on which he liable to pay tax under the act; or
3. supplies any goods liable to tax act without having applied for registration; or
4. Tax की चोरी की वजह से भी Goods को Confiscation में लिया जा सकता है।
5. Owner की जानकारी के बिना भी अगर आपने Truck को Use किया Goods Transportation के लिए
Truck को भी जब्त कर लिया जायेगा |
Sec.130(2): Redemption Fine Maximum Amount-.
1. (Goods की Market Value से ज्यादा नहीं होगी)
2. Goods के लिए 100% Penalty of Market Value का और Payment किये हुए Tax को कम करके |
Minimum Amt. Fine & Penalty का Amount. कम नहीं होना चाहिए 100% of tax payable on such goods.
3. Truck के लिए Goods के Value पर जितना Tax होता है, उस Tax के बराबर Amount..
Example:-
Supply under Contravention:
Goods Value. 10 Lakh
Seller [Mr. X] [u/s122(1)]
Buyer [Mr. Y] [ u/s 123(3)]
Goods in Confiscation
Redemption Fine Maximum = Market Value – Tax Paid
10 Lakh – Tax Paid
Truck in Confiscation
Redemption Fine = Tax के बराबर का Amount. Pay करना होगा |
Goods Value 10 Lakh @18% GST= 1,80,000
Tax Penalty और Other Charge भी Pay करना होगा |
(3): सुनवाई का मौका दिया बिना Order नहीं पास होगा |
(4): जब्त किये गए Goods का मालिक Government होगी |
(5): Proper Officer Goods Confiscation के लिए Police की भी Help ले सकते है |
(6): अगर Fine 3 Month के अन्दर Redemption Fine का Payment नहीं किया गया, फिर Proper Officer Goods,
GST Section- 131-
आपने Redemption Fine का Payment कर दिया फिर भी Others Penalty से नहीं बचोगे, बाकी सभीGST Provisions जिस तरह से लाग होते है वैसे ही लाग होंगे।
निष्कर्ष –
यह कि जीएसटी एक्ट 2017 में अपराध और दंड के लिए धारा 129, 130 और 131 का उपरोक्त लेख में साधारण भाषा में उल्लेख किया गया है। जो सभी टैक्स प्रोफेशनल, करदाता , व्यवसायी ,उद्योग जगत और ट्रांसपोर्टर के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
डिस्क्लेमर –
यह लेखक के निजी विचार हैं। किसी निर्णय पर जाने से पूर्व जीएसटी अधिनियम से संबंधित सभी तथ्यों का अध्ययन आवश्यक है किसी नुकसान की स्थिति में लेखक जिम्मेदार नहीं होगा।

