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Cs Ankur Mishra

Latest Posts by Cs Ankur Mishra

कंपनी शब्द से आशय, परिभाषा एवं कंपनी की विशेषताएँ

May 16, 2020 140700 Views 0 comment Print

 कंपनी शब्द से आशय:- कंपनी शब्द लैटिन भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है कम +पनीस कम शब्द का मतलब आने से होता है पनीस शब्द से आशय है साथ-साथ से अतः कंपनी शब्द का मतलब साथ साथ आने से है अतः कंपनी एक ऐसे व्यक्ति का समूह है जो अपनी सामान्य आवश्यकताओं की […]

निजी( प्राइवेट) कंपनी/ Private Company

May 15, 2020 29874 Views 1 comment Print

कंपनी अधिनियम 2013, के  अनुच्छेद 2 (68) के अनुसार निजी (प्राइवेट) कंपनी वह कंपनी है जिसकी प्रदत्त पूँजी (PAID UP CAPITAL) अंतर नियम द्वारा निर्धारित हो, एवं जो – 1. अपने अंशो के ( यदि कोई हो) हस्तांतरण पर प्रतिबंध लगाती है | 2. अपने सदस्यों की संख्या 200 तक सीमित रखती है किंतु इस संख्या […]

कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत कंपनियों के प्रकार

May 14, 2020 194310 Views 6 comments Print

कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत कंपनियों के प्रकार  (Types of Companies, under Companies Act, 2013) इस लेख को तैयार करने का उद्देश्य आपको कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत पंजीकृत होने वाली कंपनियों के प्रकारों से आपका विस्तृत परिचय कराना है. कंपनी अधिनियम 2013 के अनुच्छेद 2(20) के अनुसार कंपनी एक कंपनी अधिनियम 2013, इससे पूर्व […]

Types of Business Entity / उद्योग व्यवसाय के प्रकार

May 13, 2020 6000 Views 1 comment Print

किसी भी व्यापार को प्रारंभ करने में बहुत ही महत्वपूर्ण  निर्णय होता है कि किस  रूप में व्यापारिक इकाई को स्थापित कर व्यापार  का प्रारंभ किया जाए . व्यापारिक इकाई के चयन के समय इन पहलुओं पर विशेष ध्यान रखना आवश्यक होता है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसमें आवश्यक संशोधन किए जा उसके साथ पुनरावृति, पुनर्गठन, समामेलन आदि  वाणिज्यिक रणनीतियों का भी आवश्यकता पड़ने पर अनुकरण हो सके व्यापारिक इकाई  का निश्चय इस बात पर आधारित रहता है कि व्यापारिक इकाई के उद्देश्य क्या है ,उसके सदस्यों की संख्या कितनी है, उसका कार्यक्षेत्र क्या है,  कितनी पूंजी के निवेश की आवश्यकता है,  वैधानिक प्रावधान क्या है,  कर संबंधी प्रावधान, उपरोक्त चीजों का विश्लेषण करने के पश्चात जो इकाई व्यापार के लिए लाभदायक को उस इकाई की स्थापना का निर्णय लिया जाता है 

कंपनी अधिनियम 2013 के अंतर्गत  किसान प्रोड्यूसर कंपनी 

May 13, 2020 10437 Views 0 comment Print

भारत शुरू से ही एक कृषि प्रधान देश रहा है आज भी यहां की 60% जनसंख्या कृषि पर आधारित उद्योग धंधों के माध्यम से अपना जीवन यापन करती है परंतु आज के समय में कृषि में अनेकों कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जैसे सिंचाई के लिए पानी, बिजली, अपने उत्पाद का पर्याप्त मूल्य, अतः केंद्र सरकार द्वारा किसानों को हो रही समस्याओं से निदान दिलाने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन किया गया जिसके अध्यक्ष एक अर्थशास्त्री वाय के अलाग जी थे.

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