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घर में सोना, गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड रखने के लिए क्या है टैक्स नियम……. आइये जानते हैं! कमथानिया की कलम से……..!!!

सोना (Gold) भारतीयों को काफी पसंद है। भारतीय सोने में निवेश करते हैं। महिलाओं को सोने के आभूषण (Gold Jewellery) पहनना काफी पसंद आता है। सभी भारतीय लोग अपने बच्चों की शादी के लिए पहले से ही थोडा-थोडा सोना साल दर साल खरीदकर घर में रखना शुरू कर देते हैं। ऐसे में लोगों को यह नहीं पता है कि आप कितना सोना अपने घर में रख सकते हैं, क्या है सोना घर में रखने कि लिमिट !!! बैसे तो आपको सब पता है, फिर भी, आज हम आपको बताएंगे कि आप घर में कितना सोना रख सकते हैं !!

सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के नियमों के अनुसार इनकम और छूट पाने के लिए आय के साधन (एग्रीकल्चर इनकम, विरासत में मिला पैसा, तथा एक सामान्य लिमिट तक सोने की खरीद) पर कोई इनकम टैक्स नहीं लगाता।

फिजिकल गोल्ड पर टैक्स नियम: घर में कितना सोना रख सकते हैं

• अविवाहित महिला या लड़की घर में अधिकतम 250 ग्राम सोना रख सकती है।

• अविवाहित पुरुष के लिए यह सीमा 100 ग्राम तक है।

• विवाहित महिला घर में 500 ग्राम तक सोना रख सकती है।

• विवाहित पुरुष के लिए घर में सोना रखने की सीमा 100 ग्राम तक है।

सीबीडीटी के अनुसार, पुरुष (अविवाहित या विवाहित) 100 ग्राम तक फिजिकल गोल्ड घर में रख सकते हैं। अविवाहित महिला 250 ग्राम और विवाहित महिला 500 ग्राम तक फिजिकल गोल्ड घर में रख सकती है।

अब आप फिजिकल गोल्ड के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ETF भी खरीद सकते हैं। डिजिटल गोल्ड फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक रिटर्न देता है और इसे खरीदने की कोई सीमा नहीं होती है, साथ ही इसमें जोखिम भी कम होता है।

आप एक दिन में 2 लाख रुपये तक डिजिटल गोल्ड खरीद सकते हैं। डिजिटल गोल्ड पर शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगता है, जबकि लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स 20% की दर से लगता है।

वर्तमान में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) एक लोकप्रिय गोल्ड निवेश योजना है, जिसमें लोग ऑनलाइन निवेश कर सकते हैं।

इस योजना में एक वर्ष में अधिकतम 4 किलोग्राम सोने के बराबर निवेश किया जा सकता है। इसमें प्रति वर्ष 2.5% का टैक्सेबल ब्याज मिलता है। 8 साल बाद यह बॉन्ड टैक्स फ्री हो जाता है और इसमें जीएसटी (GST) भी नहीं देना होता है।

अगर सोना खरीदने के 3 साल के भीतर इसे बेच दिया जाता है तो शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (Short-Term Capital Gain Tax) लागू होता है। वहीं, 3 साल बाद सोना बेचने पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन टैक्स (Long-Term Capital Gain Tax) देना होता है।

आप गोल्ड ETFs म्यूच्यूअल फण्ड (डिजिटल गोल्ड) भी खरीदकर सकते हैं|

अगर घर में सोना तय लिमिट से कम है तो इनकम टैक्स ऑफिसर्स तलाशी के दौरान घर से गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड (Gold Jewellery) जब्त करके अपने साथ नहीं ले जा सकता है। इसलिए मेरी सलाह है, कि आप जब भी घर में सोना या गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड रखें तो उसको अलग अलग रखें और इस हिसाब से रखें कि अविवाहित पुरुष और शादीशुदा पुरुष के लिए लघभग 100 ग्राम हो और किसका है उसके नाम कि पर्ची भी गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड के साथ रखें, इसीप्रकार अविवाहित महिला के लिए 250 ग्राम और शादीशुदा महिला के लिए 500 ग्राम फिजिकल फॉर्म में गोल्ड ज्वेलरी या गोल्ड, सोना (Gold Storage) भी उसके नाम कि पर्ची के साथ घर पर रख सकते है।

मेरे द्वारा ये जानकारी शायद आपके किसी काम आ सके !!!

– कमथानिया की कलम से……..

Author Bio

Ashish Kamthania (Saxena), Managing Director : TAX & LEGAL PROFESSIONAL PRIVATE LIMITED, RAMPUR UP INDIA currently (at present) : Secretary : TAX BAR ASSOCIATION, RAMPUR UP 244901 INDIA Treasurer : RAMPUR TAX BAR ASSOCIATION, RAMPUR UP 244901 INDIA STATE EXECUTIVE MEMBER : THE UP TAX BAR View Full Profile

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