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Goods and Services Tax

NIC द्वारा ई वे बिल 2 पोर्टल 1 जून 2024 से शुरू

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मित्रों, जीएसटीएन ने 28 मई 2024 को ई वे बिल पोर्टल को अपग्रेड करते हुए । बताया कि NIC ने E way bill 2 पोर्टल 1 जून 2024 से लॉन्च करने की तैयारी की है ।जिसकी एडवाइजरी Goods and Services Tax के पोर्टल पर उपलब्ध है । जो सभी टैक्स प्रोफेशनल को अपने संज्ञान में लाना बहुत जरूरी है । कि E way bill 2 पोर्टल में क्या क्या नया हुआ है।जीएसटीएन द्वारा जारी एडवाइजरी का प्रारूप जीएसटीएन पोर्टल पर उपलब्ध है।

ई-वे बिल या इलेक्ट्रॉनिक वे बिल, भारत के भीतर माल की आवाजाही के लिए आवश्यक एक डिजिटल दस्तावेज़ है। यह 50,000 रुपये से अधिक मूल्य के माल के परिवहन के लिए, माल और सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम 2017 के द्वारा अनिवार्य परमिट के रूप में कार्य करता है। आपूर्ति श्रृंखला में शामिल पंजीकृत,अपंजीकृत और transporter पर परिदृश्य के आधार पर ई-वे बिल बनाने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।

माल एवं सेवा कर नेटवर्क (जीएसटीएन) माल परिवहन के लिए मौजूदा ई-वे बिल प्रणाली को बढ़ाने और मजबूत करने के लिए एक नया पोर्टल, ई-वे बिल 2 पोर्टल (E way bill 2 Portal) लॉन्च कर रहा है।

 1 जून 2024 को लॉन्च होने वाला यह नया पोर्टल

 ई-वे बिल 2 पोर्टल (https://ewaybill2.gst.gov.in) मुख्य ई-वे बिल पोर्टल ( https://ewaybillgst.gov.in/ ) के साथ-साथ काम करेगा और कई लाभ प्रदान करेगा जिसका विश्लेषण निम्न लिखित हैं:

1. ई-वे बिल 2 पोर्टल उपलब्धता सुनिश्चित करता है, तथा डाउनटाइम और व्यवधान को न्यूनतम करेगा ।

2. तीव्र समन्वयन: ई-वे बिल विवरण कुछ ही सेकंड में दोनो पोर्टलों के बीच समन्वयित हो जाएगा। जिससे निर्बाध डेटा प्रवाह को बढ़ावा मिलेगा।

3. स्वतंत्र कार्यक्षमता: उपयोगकर्ता ई-वे बिल 2 पोर्टल पर सीधे ई-वे बिल तैयार और अपडेट कर सकते हैं।

Advisory on launch of E-Way Bill 2 portal

4. वेब और एपीआई एक्सेस: पोर्टल ई-वे बिल के प्रबंधन के लिए वेब इंटरफेस और एपीआई एक्सेस दोनों प्रदान करता है। ई-वे बिल 2 पोर्टल ई-वे बिल सेवाओं के लिए संचालन के वेब और एपीआई मोड प्रदान करता है।

5. साझा लॉगिन क्रेडेंशियल: करदाता और लॉजिस्टिक(ट्रास्पोर्टर) ऑपरेटर मुख्य पोर्टल से अपने मौजूदा लॉगिन क्रेडेंशियल का उपयोग कर सकते हैं। करदाता और लॉजिस्टिक ऑपरेटर मुख्य पोर्टल के लॉगिन क्रेडेंशियल के साथ ई-वे बिल 2 पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।

6. आकस्मिक योजना: मुख्य पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के दौरान, ई-वे बिल 2 पोर्टल को बैकअप के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

7. क्रॉस-पोर्टल कार्यक्षमता: उपयोगकर्ता ई-वे बिल (ट्रांसपोर्टर विवरण) के भाग-बी को किसी भी पोर्टल पर शुरू और अपडेट कर सकते हैं।ई-वे बिल के पार्ट-बी की छपाई और अपडेट करने का क्रॉस ऑपरेशन इन पोर्टल पर किया जा सकता है। यानी, पोर्टल 1 के ई-वे बिल के पार्ट-बी को पोर्टल 2 पर अपडेट किया जा सकता है I

8. विश्वसनीयता: यदि मुख्य पोर्टल तकनीकी कारणों अनुपलब्ध होगा, तो पोर्टल 1 पर तैयार ई-वे बिलों के भाग-बी विवरण को पोर्टल 2 पर अपडेट किया जा सकता है। और जिससे परिचालन जारी रखा जा सकता है।

अधिक जानकारी के आधिकारिक ई-वे बिल पोर्टल पर उपलब्ध है।

विशेष 

उपरोक्त लेख के तथ्यों से स्पष्ट है ।कि जीएसटीएन समय-समय पर ई वे बिल पोर्टल में उत्पन्न समस्याओं के निराकरण के लिए ई वे बिल 2 पोर्टल 1 जून 2024 को लॉन्च कर रहा है ।इसमें सबसे अच्छी बात यह है। कि दोनों पोर्टल समान रूप में करदाता / ट्रांसपोर्टर को लाभ पहुंचाने की स्थिति में है ।कई बार नेट की खराबी के कारण या किसी अन्य तकनीकी कारण से पोर्टल 1 यदि कार्य नहीं करेगा। तो पोर्टल 2 सहयोग करेगा ।अर्थात दोनों पोर्टल ई वे बिल जनरेट करने के लिए उपलब्ध होंगे।

 यह लेखक के निजी विचार है।

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