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Rahul Goyal

Rahul GoyalSection 73 of CGST Act, 2017 – Determination of tax not paid or short paid or erroneously refunded or input tax credit wrongly availed or utilised for any reason other than fraud or any willful misstatement or suppression of facts.

(5) The person chargeable with tax may, before service of notice under sub-section (1) or, as the case may be, the statement under sub-section (3), pay the amount of tax along with interest payable thereon under section 50 on the basis of his own ascertainment of such tax or the tax as ascertained by the proper officer and inform the proper officer in writing of such payment.

GSTR 3B फाईल की जाती है उस मे कभी कभी कर की गणना मे या टाईप करने मे गलती हो जाती है जिस कारण GSTR 3B गलत submitted/File हो जाता है और व्यापारी द्वारा उस कर को कैसे ठीक किया जाये ये समस्या सभी के सामने आ रही है, अब यदि व्यापारी द्वारा GST को नकद मे जमा कराया जाता है तो वह कैश लेजर मे रहेगा पर उस का समायोजन किस प्रकार किया जाये ये समस्या बनी हुई है

उदहारणः 1

ITC IGST CGST SGST CESS
Earned 5500.00 5500.00 5500.00 0
RITC 1000.00 1500.00 1050.00 0
BALANCE 4000.00 4000.00 4450.00 0
TAX PAIBALE 4500.00 4500.00 4500.00 0
TAX PAID 500.00 500.00 50.00 0

अब आप देखे की SGST मे गलती से RITC Rs 1500.00 की स्थान पर Rs 1050.00 कर दी जिस कारण कर भी Rs 500.00 की जगह Rs. 50.00 जमा कर दिया गया या हमारे द्वारा SGST Rs 500.00 तो पूरा जमा कर दिया गया परन्तु Rs 450.00 Cash Ledger मे ही शेष है अब उस का निस्तारण कैसे किया जाये ।

उदहारण:  2

वित्तिय वर्ष की समाप्ति के पश्चात जब व्यापारी के खाते फाईनल होते है जब कई बार ये ज्ञात होता है कि संगत वर्ष मे व्यापरी द्वारा कोई Outward Supply या तो जाने से रह गई है या गलत चली गई है जिस कारण कर कम जमा/ समायोजित हो पाया है, अब उस का निस्तारण कैसे हो।

वस्तु और सेवा कर मे इस समस्या के समाधान के लिये धारा 73 और धारा 74 मे इस के बारे मे बताया गया है कि किस प्रकार हमे देय कर का भुगतान करना है। इसके लिये सबसे पहले धारा 73 को देखते है:-

Section 73 of CGST Act, 2017 – Determination of tax not paid or short paid or erroneously refunded or input tax credit wrongly availed or utilised for any reason other than fraud or any willful misstatement or suppression of facts.

उक्त धारा से स्पष्ट है कि यदि कोई व्यक्ति {धारा 2(84)} जिस ने उक्त कर वसूल किया है और बिना धोखाधडी के इतर किसी भी अन्य कारण से उक्त कर का भुगतान नही किया है तो उस को उक्त का भुगतान करेगा।

Section 74 of CGST Act, 2017 – Determination of tax not paid or short paid or erroneously refunded or input tax credit wrongly availed or utilised by reason of fraud or any wilful misstatement or suppression of facts.

उक्त धारा मे व्यक्ति जिस ने उक्त कर वसूल किया है और धोखाधडी के कारण से उक्त कर का भुगतान नही किया है तो उस को उक्त कर का भुगतान करना होगा।

अब करना किस प्रकार होगा इस के लिये वस्तु और सेवा कर नियम 142 के अन्तर्गत फार्म DRC-03 दिया गया हैउक्त फार्म Login करने के बाद

Dashboard -> Service -> User Service -> My Application पर जा कर Application Type मे

Intimation of Voluntary Payment –DRC-03 को select करेगे और New Application को select करेगे

Intimation of Voluntary Payment –DRC-03

इसके पश्चात आप के सामने तीन Optin होगे

Payment

यदि आप Voluntary भुगतान कर रहे हो तो आप उस को select करेगे तथा उस मे आप के दो option होगे कि आप की आप किस धारा के अन्तर्गत कर का भुगतान कर रहे है,

1.  धारा 73(5) Voluntary

2. धारा 74(5) Voluntary

अब आप को उपरोक्त मे से एक को चुनना होगा तथा उस के बाद वित्तिय वर्ष और किस महीने से किस महीने तक का IGST, CGST, SGCT, CESS, PENALTY, INTEREST (If Applicable) है वो भरना होगा तथा उस को भुगतान करना होगा

भुगतान करने के बाद एक PRN (Payment Reference Number) आ जाये्गा और आप से उक्त भुगतान का कारण लिखने के पश्चात आप उस Demand को File करेगे ।

ये File आप या तो DSC से या EVC  से करेगे

इस प्रकार आप पर देय कर का भुगतान उसी कर अवधि मे हो जायेगा

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