Advertisement
Advertisement
Skip to content
Follow Us on
Advertisement
TOP STORIES
Goods and Services Tax

राजस्थान में वेट एमनेस्टी की तारीख 1 माह के लिए और बढ़ा देनी जानी चाहिए

Advertisement

Ref:- AIMTPA/018/21-22 

Date:- 31-Jul-2021

PRESS RELEASE

राजस्थान में वेट एमनेस्टी की तारीख 1 माह के लिए और बढ़ा देनी जानी चाहिए

Team AIMTPA द्वारा तथ्यों पर आधारित एक रिपोर्ट

राजस्थान में वेट एमनेस्टी स्कीम जो इस समय चल रही है और इसका पहले फेज की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2021 है| राज्य के कर सलाहकार संघ, व्यापारिक संघ और प्रमुख कर सलाहकार सभी की यह मांग है कि वेट एमनेस्टी स्कीम के प्रथम चरण को ही 31 अगस्त 2021 तक बढ़ा देना चाहिए| इस मांग के पीछे क्या कारण है और क्यों सरकार को यह तारीख बढ़ा कर राज्य कर करदाताओं को राहत देनी चाहिए. इसके लिए AIMTPA की टीम ने एक अध्ययन किया है और उसकी रिपोर्ट के अनुसार यह तारीख 1 माह के लिए बढ़ ही जानी चाहिए|

इस एमनेस्टी स्कीम की प्रारम्भिक अवधि और तिथियों पर तो कोई काम हो ही नही पाया क्यों कि उस अवधि में पूरा राज्य कोविड की चपेट में था और इस कारण लॉक डाउन लगा था और 8 जून को जब लॉक डाउन में ढील दी गई थी तो यह संभव नहीं था कि व्यापारी वर्ग लॉक डाउन में दी गई ढील के दौरान इस स्कीम के तहत कोई काम कर सकता क्यों स्वास्थ और व्यापार को लेकर उस समय प्राथमिकताएं अलग थी एवं कार्य का समय भी कम अवधि के लिए था |

इस स्कीम के लिए जो भी काम सार्थक रूप से प्रारम्भ हुआ वह अभी सिर्फ 15 दिन पहले प्रारम्भ हुआ है, जिसमे विभाग द्वारा वैट एमनेस्टी पखवाडा के द्वारा डीलर्स, व्यापारियों और सभी को विस्तृत जानकारी धी गयी, लेकिन वेट से जुड़ी डिमांड्स तो पिछले कई वर्षों से सम्बंधित है. वाणिज्य कर विभाग ने इस समय इस स्कीम के लिए बहुत ही तत्परता से काम किया है लेकिन इस विभाग के पूर्व के रिकोर्ड इस समय पूरी तरह अपडेट नहीं है और पिछले 15 दिन से विभाग ने करदाताओं को जो जानकारी आधारित नोटिस बांटे हैं उनसे इस स्कीम में गति तो आई है लेकिन इन नोटिस में जो डिमांड्स कर डाटा को सूचित की गई है वह अधिकाँश मामलों में सही नहीं है और यह इतनी अधिक बताई गई है कि इस डिमांड्स के साथ कर दाता इस स्कीम के प्रथम फेज में जा नहीं सकता है|

करदाताओं द्वारा दिए गए सी -फॉर्म्स की क्रेडिट, मिस्मेच जो क्लियर हो गए उनकी मांग का कम होना, एक वर्ष के आदेश में संशोधन हो जाने पर उसका आधिक्य आगे ले जाना और वेट साईट पर साफ़ नजर आ रहे चालान की क्रेडिट नहीं देना जैसे कई काम है जो विभाग के स्तर पर कई मामलों में अभी बाकी है जिनसे नोटिस में दिखाई गई मांग कम हो सकती है |

विभाग से आग्रह है की उनको पहले अपने स्तर पर इन डिमांड्स को कम करना चाहिए|  कई मामलों में करदाता द्वारा दिए गए फॉर्म्स की रसीद करदाता के पास उपलब्ध है लेकिन विभाग में इस समय यदि यह फॉर्म्स नहीं मिल रहें हैं तो करदाता से इन फॉर्म्स की दूसरी प्रति मांगी जाती है और यदि यह दूसरी प्रति करदाता के पास उपलब्ध नहीं है तो फिर विभाग को अपने स्तर पर ये फॉर्म्स ढूंढने की व्यवस्था करनी चाहिए क्यों कि फॉर्म्स तो विभाग में ही कहीं ना कहीं  है या फिर अपने ही स्तर पर इस समस्या की कोई विशेष व्यवस्था करनी चाहिए. एक फ़ाइल जब एक वार्ड से दूसरे वार्ड में ट्रान्सफर होती है तो यह समस्या अधिक है. इसके अलावा जो चालन करदाता ने जमा कराये है और साईट पर उपलब्ध है उनकी मांग और उनपर लागाया गया ब्याज तो विभाग को स्वयं ही कम कर देना चाहिए.|

राज्य के कुछ मामलो में बिना नोटिस दिए करयोग्य मांग में वृद्धि कर दी गई है और ये मामले कर मुक्त बिक्री को करयोग्य मानना, सेल्स मिस्मेच को जोड़ देना इत्यादि से जुड़े है इन्हें भी विभाग को कम कर देना|  इन सभी कार्यों के लिए समय की आवश्यकता है और एसोसिएशन को जो सदस्यों के द्वारा फीड बेक मिल रहा है उसके अनुसार विभाग के पास भी इतने संख्या में अधिकारी और कर्मचारी नही है कि इस सीमित समय में इस बड़े और काफी वर्षो के काम को पूरा किया जा सके|

वाणिज्य कर विभाग ने पिछले कुछ दिनों में अपने सीमित साधन होते हुए भी बहुत त्वरित गति से काम किया है जिसकी यह एसोसिएशन प्रशंसा करती है और उसकी लिए राज्य के वाणिज्य कर आयुक्त महोदय, विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र है और इसके लिए यह एसोसिएशन और इससे जुड़े सदस्यों की और से हार्दिक अभिनन्दन|

वाणिज्य कर विभाग के पिछले कुछ दिनों के प्रयासों से कर दाताओं में एक विशवास  जगा है कि अब उनको सूचित मांगों में से जो वह हिस्सा हट जाएगा जो उनके द्वारा देय नहीं है और इसके बाद उनके लिए यह बहुत ही आसान होगा कि वे वेट एमनेस्टी स्कीम में चले जाए और शेष मांग को इस स्कीम के तहत समाप्त करवा कर अपना कर्तव्य पूरा करे|

इसलिए यह एसोसिएशन राज्य के मुख्य मंत्री महोदय जिनके पास वित्त मंत्रालय का प्राभार भी है, राज्य के वित्त सचिव महोदय एवं राज्य के वाणिज्य कर आयुक्त महोदय से यह अनुरोध करती है कि वेट एमनेस्टी स्कीम के प्रथम चरण को 1 माह के लिए बढाने का कष्ट करें |

धन्यवाद एवं आधार सहित

जय हिन्द

TEAM AIMTPA

Advertisement

Join TaxGuru's Network for the latest updates on Income Tax, GST, Company Law, Corporate Laws and other related subjects.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *