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भारत सरकार उन सारे लोगो को पकड़ना चाहती हैं जिनकी कमाई तो हैं पर जो ना टैक्स भरते हैं ना ही अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं l सरकार टैक्स च्रोरो को पकड़ने के लिए नए नए उपाय सोचती रहती हैं, धारा 206AB भी उसमे से एक हैं l

धारा 206AB के तहत ये बताया गया हैं कि यदि किसी व्यक्ति ने अपने पिछले दो सालों के इनकम टैक्स रिटर्न नही भरे हैं और अगर ऐसे व्यक्ति को आप कोई ऐसा भुगतान करते हैं जिस पर टीडीएस के प्रावधान लागू होते हैं तो आपको सामान्य टीडीएस रेट से ज्यादा रेट पर टीडीएस काटना हैं l

इस धारा को हमने प्रश्नोत्तर के रूप में समझाने का प्रयास किया हैं l

प्र. ये धारा कब से लागू होगी ?

उ. ये धारा 01 जुलाई 2021 से लागू होगी l

प्र. ये धारा क्या कहती हैं ?

उ. ये धारा कहती हैं कि यदि किसी व्यक्ति को आप भुगतान कर रहे हैं जिस पर आपको टीडीएस काटना हैं और उस व्यक्ति ने :

1. पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरे हैं

+

2. दोनों सालों का रिटर्न भरने का समय समाप्त हो चूका हैं

+

3. दोनों सालों में हर साल उसका टीडीएस (TDS) जो कटा था और टीसीएस (TCS) जो उससे वसूला गया था वो 50,000 या उससे ज्यादा था

– तो ऐसे व्यक्ति को भुगतान करते समय जो टीडीएस कटेगा वो सामान्य से ज्यादा रेट पर होगा l

– तीनो शर्तों का पूरा होना जरुरी हैं यदि एक भी शर्त पूरी नहीं होती हैं तो टीडीएस सामान्य रेट पर ही कटेगा l

प्र. सामान्य से ज्यादा रेट से आपका क्या तात्पर्य हैं?

उ. इन तीनो में ये जो रेट सबसे ज्यादा होगी वो इस धारा के लिए सामान्य से ज्यादा मानी जायेगी

1. जिस धारा में आप टीडीएस काट रहे हैं उस धारा में जो सामान्य रेट हैं उससे दुगुनी (Twice)

2. जिस धारा में आप टीडीएस काट रहे हैं उस धारा में वर्तमान में जो प्रभावी रेट हैं उससे दुगुनी (Twice)

3. 5%

इन तीनो में से जो रेट सबसे ज्यादा होगी, उस रेट पर ही आपको टीडीएस काटना होगा l

उदहारण

राजू को आपने ठेकेदारी (on contract) पर एक काम दिया

इसके लिए आप राजू को 200000 रुपये का भुगतान करेंगे

क्यूंकि ठेकेदारी के काम पर टीडीएस कटता हैं

और टीडीएस की सामान्य रेट हैं 1%

तो आप राजू को भुगतना करने से पहले राजू से तीन सवाल पूछेंगे:

1. क्या उस ने पिछले दो साल के इनकम टैक्स रिटर्न भरे हैं ?

2. यदि नही भरे हैं तो क्या रिटर्न भंरने का समय निकल गया हैं?

3. यदि नही भरे और समय भी निकल गया हैं तो पिछले दो साल में उसका जो टीडीएस और टीसीएस थ कटा था वो50000 या उससे ज्यादा था क्या?

यदि राजू पहले सवाल का जवाब ना में देता हैं

और बाकी दो सवालों के जवाब हाँ में देता हैं

तो उसका टीडीएस सामान्य से ज्यादा रेट पर कटेगा l

अब हम सामान्य से ज्यादा रेट की खोज करते हैं

धारा 194C में सामान्य रेट हैं 1%

जिस धारा में आप टीडीएस काट रहे हैं उस धारा में जो सामान्य रेट हैं उससे दुगुनी (Twice) 1% x 2 = 2%
जिस धारा में आप टीडीएस काट रहे हैं उस धारा में जो वर्तमान में जो प्रभावी रेट हैं उससे दुगुनी (Twice) 1% x 2 = 2%
 5% 5%
तीनो में से जो सबसे ज्यादा हैं उसी रेट पर राजू का टीडीएस कटेगा 5%

तो राजू को भुगतान करते समय 200000 x 5% = 10000 का टीडीएस काटना पड़ेगा l

प्र. किन भुगतानों पर धारा 206AB लागू नही होगी ?

उ.

1. सैलरी पर (धारा 192)

2. पीएफ से निकासी पर (धारा192A)

3. लाटरी की रकम पर (धारा 194B)

4. घोड़ो की दौड़ में कमाये हुए इनाम पर (धारा 194BB)

5. Securitization trust के द्वारा भुगतान पर (धारा194LBC)

6. बैंक से नगद निकासी पर (धारा194N)

व्यापारी वर्ग को ध्यान रखने योग्य बातें:

1. यदि कोई का आपका टीडीएस काटता हैं तो ध्यान से उसे ये घोषणा पत्र (Declaration) भेजे कि आपके ऊपर धारा 206AB में बताई गयी तीनो शर्ते लागू नहीं होती हैं l यदि आप ऐसा नहीं करेंगे तो सामने वाला आपका सामान्य से ज्यादा रेट पर टीडीएस काटकर ही भुगतान करेगा l

2. यदि आप किसी का टीडीएस काटते हैं तो ध्यान से उससे ये घोषणा पत्र (Declaration) ले कि उसके ऊपर धारा 206AB में बताई गयी तीनो शर्ते लागू नहीं होती हैं l यदि वो घोषणा पत्र ना दे तो आप सामान्य से ज्यादा रेट पर टीडीएस काटकर ही उसका भुगतना करे l

सरकार से निवेदन:

सरकार से निवेदन हैं कि इनकम टैक्स पोर्टल पर ऐसी व्यस्था मुहैया करवाए जिसके माध्यम से PAN नंबर डालते हैं सभी को पता चल जाए की किस व्यक्ति पर धारा 206AB लागू होगी और किस पर नही l

डिस्क्लेमर: यदापि इस जानकारी के संग्रहण में पूरी सावधानी रखी गयी हैं, पर फिर भी किसी भूल चुक से इनकार नही किया जा सकता हैं l जानकारी में त्रुटी की परिस्थिति में लेखक की कोई जवाबदेही नही होगी l आप जानकारी का इस्तेमाल करते समय किसी पेशेवर से परामर्श अवश्य ले l

(अधिक जानकारी के लिये आप लेखक से rohitjain3663@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं)

Thanks & Regards,

Rohit Jain

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