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आरईआईटी निवेश का नया आयाम

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पिछले दो दशकों में जिस गति से प्रापर्टी में निवेश बढ़ा है, उसने रीयल एस्टेट क्षेत्र में मांग और कीमत दोनों बढ़ा दी है। अच्छी कमाई का साधन होने के कारण लोगों का यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

लेकिन प्रापर्टी में निवेश में अपने जोखिम होते हैं, जिसे एक आम निवेशक को ध्यान में रखना जरूरी है:

पहला, प्रापर्टी खरीद के लिए लाखों रुपए की आवश्यकता

दूसरा, सही कीमत पर खरीद हो तभी फायदा – और यह तय मार्केट के एक्सपर्ट जानकर ही दे सकते है

तीसरा – सही कीमत पर बेच पाना

चौथा – प्रापर्टी में विवादों का होना

पांचवां – रखरखाव का झंझट एवं किराए की रेगुलर आमदनी होना

इन जोखिम और खामियों के कारण बहुत मुश्किल होता है एक आम निवेशक के लिए की वह कुछ लाभ कमा पाए और ज्यादातर केस में हम पाते हैं कि आम निवेशक को नुक्सान होता है। ऐसे में अच्छा यही होता की प्रापर्टी में निवेश एक व्यक्ति के खुद के उपयोग के लिए ही हो।

तो क्या इन झंझटों के कारण आम निवेशक प्रापर्टी में निवेश न करें!

ऐसे में आरईआईटी आम निवेशकों के लिए एक नया आयाम बनकर आया है, जहां कम पैसों में म्यूचुअल फंड्स के भांति प्रापर्टी में निवेश भी हो जाता है और उचित रिटर्न के साथ जोखिम भी कम होता है।

सेबी ने आरईआईटी को वर्ष २०१४ में मान्यता दी थी और इसका आकर्षण पिछले दो चार सालों में कम जोखिम होने के कारण ज्यादा बढ़ा है और अब सेबी द्वारा इसे आज यानि ०१/०१/२०२६ से इक्विटी शेयर का दर्जा दिया गया है।

आरईआईटी निवेशकों से पैसा जुटा कर कमर्शियल प्रॉपर्टी, शापिंग काम्प्लेक्स, माल, बिज़नस पार्क, आदि में निवेश करता है या खरीदता है। फिर उपरोक्त प्रापर्टी को बड़ी बड़ी मल्टिनैशनल कंपनी को किराए से दिया जाता है। किराए और प्रापर्टी बेचने से हुई आमदनी को आम निवेशकों को डिविडेंड के रूप में लाभ दिया जाता है। ऐसे में आम निवेशकों को उचित रिटर्न तो मिलता ही है साथ ही प्रापर्टी संबंधित जोखिम कम होता है। प्रापर्टी एक्सपर्ट कम दाम में प्राइम लोकेशन में बड़ी बिल्डिंग खरीदते हैं जिससे यह लाभ आम निवेशकों तक पहुंच सकें।

खासकर जब इस निवेश को इक्विटी शेयर का दर्जा प्राप्त हो चुका है तो एक छोटा निवेशक १५००० से ३०००० रुपए में प्रापर्टी में निवेश कर लाभ कमा सकता है। भविष्य में रीयल एस्टेट का क्षेत्र काफी क्रांतिकारी होने की संभावना है क्योंकि अब कई बड़े ग्रुप शेयर के जरिए पब्लिक से पैसा जुटाएंगे और छोटे बड़े शहरों की प्राइम लोकेशन की प्रापर्टी की बिकने की संभावना बढ़ेगी। रीयल एस्टेट क्षेत्र में भारी निवेश बढ़ेगा और छोटे निवेशक प्रापर्टी खरीदने की बजाय अपरोक्ष रूप से आरईआईटी के माध्यम से निवेश करेंगे।

जहां तक टैक्स प्रभाव की बात है तो आप पाएंगे कि आरईआईटी में मिले लाभ डिविडेंड और इंवेस्टमेंट प्राफिट के रूप में प्राप्त होते हैं और इस पर एक साल की अवधि होने के बाद बेचने पर लांग टर्म केपिटल गेन इनकम टैक्स १२.५०% लगता है। वहीं दूसरी ओर प्रापर्टी खरीदकर बेचने पर लांग‌‌‌ टर्म केपिटल गेन इनकम टैक्स के अलावा रजिस्ट्रेशन शुल्क और जीएसटी भी देना होता है जिससे लगभग २०% का लाभ अतिरिक्त टैक्स के रूप में निकल जाता है।

ऐसे में भविष्य में प्रापर्टी निवेश का नया आयाम अब आरईआईटी होगा और प्रापर्टी खरीदना व्यक्तिगत उपयोगिता तक ही सीमित होगा।

एक छोटे और आम निवेशक के लिए आरईआईटी प्राइम प्रापर्टी में छोटी रकम से निवेश, तरलता और कम जोखिम का साधन उपलब्ध करवाता है और साथ ही रीयल एस्टेट क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव एवं विकास की तस्वीर दिखाता है।

सीए अनिल अग्रवाल जबलपुर ९८२६१४४९६५

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