आपको कितने समय तक सुरक्षित रखना चाहिए आयकर से जुड़े दस्तावेज?
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आपको कितने समय तक सुरक्षित रखना चाहिए आयकर से जुड़े दस्तावेज?

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विदेशी संपत्तियों से आमदनी होने पर इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े दस्तावेजों को ज्यादा समय तक रखना चाहिए.

क्या आप हर साल नियमित रूप से इनकम टैक्स रिटर्न करते हैं? अगर हां तो कुछ सालों के बाद आपके पास पुराने दस्तावेजों का पहाड़ खड़ा हो जाता है. अमूमन लोग इन्हें सपोर्टिंग प्रूफ के तौर पर रखते हैं. सवाल उठता है कि आखिर कब तक इन दस्तावेजों को सहेज कर रखना चाहिए?
कहा जाता है कि किसी वित्त वर्ष के लिए इनकम टैक्स रिटर्न करने के बाद उससे जुड़े तमाम दस्तावेजों को संभालकर रखना चाहिए. इनमें किराए की रसीदें या रेंट एग्रीमेंट, सेक्शन 80सी के टैक्स सेविंग डॉक्यूमेंट इत्यादि शामिल हैं.

यहां एक बात याद रखने वाली है. आयकर विभाग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त आपसे क्लेम के समर्थन में सबूत के तौर पर किसी दस्तावेज को जमा करने के लिए नहीं कहता है.

कितने समय तक रखने चाहिए दस्तावेज?

इस बात का जिक्र कहीं नहीं है कि आपको इन दस्तावेजों को कितने समय तक रखना चाहिए. The Accounts hub के फाउंडर टैक्स गुरु कहते हैं, “आयकर कानून में इस बात का कोर्इ प्रावधान नहीं है जो कहता हो कि करदाता को कितने समय तक दस्तावेजों को रखना चाहिए.” हालांकि, आयकर कानून की धारा 149 करदाता को नोटिस जारी करने की सीमा तय करती है. इसी को वह समय माना जा सकता है जब तक दस्तावेजों को अपने पास रखना चाहिए.

उन्होंने बताया कि सेक्शन 149 के अनुसार, आयकर विभाग के पास करदाता को सात साल तक नोटिस जारी करने का अधिकार है. इसका मतलब यह है कि अगर आपने 2017-18 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न किया है तो आपको संबंधित दस्तावेजों को वित्त वर्ष 2024-25 के अंत तक रखना चाहिए.

जिनकी विदेशी संपत्तियों से आमदनी है, वे क्या करें?

विदेशी संपत्तियों से आमदनी होने पर इनकम टैक्स रिटर्न से जुड़े दस्तावेजों को ज्यादा समय तक रखना चाहिए.The Accounts hub के फाउंडर टैक्स गुरु कहते हैं, “यदि किसी करदाता की आमदनी विदेशी संस्थान से है तो उसे 17 साल तक संबंधित दस्तावेजों को रखना चाहिए.”

क्या आपको 7 साल से ज्यादा दस्तावेजों को रखना चाहिए?

वैसे तो दस्तावेजों को 7 साल तक संभालकर रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन इसका यह मतलब कतर्इ नहीं कि यह अवधि खत्म होने के बाद उन्हें फेंक दिया जाए. टैक्स गुरु कहते हैं, “बजट 2017 में एक संशोधन किया गया है. यह एक अप्रैल, 2017 से लागू है. इसके तहत टैक्स अधिकारी 10 साल पुराने मामलों को भी खोल सकते हैं.”

यदि परिवार में मृत सदस्य का फाइल किया गया इनकम टैक्स रिटर्न है तो उस मामले में भी सात या 17 साल तक दस्तावेजों को संभालकर रखना चाहिए.

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