श्री कृष्ण और श्री अर्जुन के बीच ITR फ़ाइल करने की तिथि बढ़ने पर वार्तालाप

श्री कृष्ण: वत्स अर्जुन, किस चिंता में बैठे हो। जऱा हमें भी तो पता लगे।

अर्जुन: भगवन, सादर प्रणाम। मैंने अपनी वित्त वर्ष 2018-19 की ITR फ़ाइल नहीं की हैं।

कृष्ण: तो इसमें चिंता करने की क्या बात हैं अर्जुन?

अर्जुन: भगवन, वित्त वर्ष 2018-19 की ITR फ़ाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2020 थी जो कि जा चुकी हैं। आप कह रहे हो की चिंता की क्या बात हैं।

कृष्ण: अर्जुन, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2018-19 की ITR फ़ाइल करने की अंतिम तिथि को 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया हैं। अब तुम 30 जून 2020 तक ITR फ़ाइल कर सकते हो।

अर्जुन: भगवन, कृपा करके विस्तार में बताने का कष्ट करें।

कृष्ण: अर्जुन, भारत सरकार ने ITR फ़ाइल करने की अंतिम तिथि को बढ़ाने के साथ ही आधार कार्ड को पैन के साथ लिंक करने की तिथि को भी 30 जून 2020 कर दिया हैं। अगर कोई टैक्सपेयर अब ITR फ़ाइल करता हैं और उसका टैक्स बनता हैं तो उनके लिए ब्याज़ दर में भी कटौती की गई हैं। अगर कोई टैक्सपेयर 20 मार्च 2020 से 30 जून 2020 के बीच में टैक्स जमा करता हैं तो उसके लिए ब्याज़ की दर को 12% से घटा कर 9% कर दिया गया हैं। यद्यपि लेट ITR फ़ाइल करने पर लगने वाली फ़ीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हमको यह याद रखना होगा कि बदलाव सिर्फ़ ब्याज़ दर में किया गया हैं। इसके साथ ही टैक्सपेयर्स का अगर इनकम टैक्स का रिफंड बनता हैं तो वो भी शीघ्रता से जारी किया जा रहा हैं।

अर्जुन: भगवन, अगर किसी टैक्सपेयर ने वित्त वर्ष 2018-19 का ITR देय तिथि से पहले फ़ाइल कर दिया हैं और वह ITR में कुछ संशोधन (Revise) करना चाहे तो क्या वह कर सकता हैं?

कृष्ण: अर्जुन, अगर टैक्सपेयर ने अपना ITR समय से फ़ाइल किया हैं तो वह संशोधन कर सकता हैं। वित्त वर्ष 2018-19 की ITR को संशोधन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2020 थी जिसको बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया हैं।

अर्जुन: भगवन, भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भी कुछ छूट का प्रावधान किया हैं क्या?

कृष्ण: हाँ अर्जुन, भारत सरकार ने कोरोना के मद्देनजर वित्त वर्ष 2019-20 के लिए भी इनकम टैक्स में छूट का प्रावधान किया हैं।

अर्जुन: भगवन अगर ऐसा हैं तो विस्तार मे बताईये।

कृष्ण: अर्जुन, वित्त वर्ष 2019-20 की ITR फ़ाइल करने की तिथि को 31 जुलाई 2020 और 31 अक्टूबर 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया हैं। टैक्स ऑडिट की तिथि को 30 सितम्बर 2020 से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2020 कर दिया गया हैं। टैक्स सेविंग के लिए निवेश की समय सीमा को भी 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया हैं। इसके साथ ही विवाद से विश्वास स्कीम को भी बढ़ाकर 31 दिसम्बर 2020 तक कर दिया गया हैं।

अर्जुन: भगवन, आपने मेरा मार्गदर्शन किया। आपको प्रणाम।

कृष्ण: तथास्तु।।

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